कर्ज की राशि का उपयोग परिसंपत्तियों के निर्माण में करें राज्य: सीतारमण

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कर्ज की राशि का उपयोग परिसंपत्तियों के निर्माण में करें राज्य: सीतारमण

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 05:26 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 05:26 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

कांचीपुरम, 25 जून (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकारों को वित्तीय संसाधन सीमित होने की स्थिति में नकद वितरण जैसे राजस्व व्यय पर अत्यधिक निर्भर रहने के बजाय अपने कर्ज के पैसे का इस्तेमाल स्कूल और अस्पताल जैसे दीर्घकालिक पूंजीगत व्यय में करना चाहिए।

संवाददाताओं से बातचीत में सीतारमण ने कहा कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए लिया गया ऋण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डालता है और अगले 50 से 60 वर्षों तक रोजगार के अवसर पैदा करता है।

उन्होंने कहा, ‘कर्ज लेना कोई समस्या नहीं है, लेकिन आप उस कर्ज के पैसे का क्या करते हैं, यह मायने रखता है। क्या आप संपत्तियां बना रहे हैं? क्या उससे शिक्षा, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है? ध्यान इस पर होना चाहिए।’’

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि राज्यों को अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का तीन प्रतिशत तक कर्ज लेने की अनुमति है।

तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो दिवसीय दौरे पर आईं सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कांचीपुरम स्थित श्री उपनिषद ब्रह्मेंद्र मठ के महा कुंभाभिषेक समारोह में भाग लिया।

बाद में वह पुडुचेरी जाएंगी, जहां केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय परिसर में स्थित औपनिवेशिक काल के एक पुनर्निर्मित ‘लाइटहाउस’ का उद्घाटन करेंगी।

कांचीपुरम में मेडिकल कॉलेज नहीं होने संबंधी सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार तीन बजट पहले ही प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना के समर्थन की नीति की घोषणा कर चुकी है।

उन्होंने कहा, ‘हमने राज्यों से कहा है कि वे जिस भी जिले के लिए चाहें, योजना बनाएं। तमिलनाडु सरकार को इसे समझना चाहिए और उसी के अनुसार योजना बनानी चाहिए।’

भाषा योगेश अजय

अजय