सरकार को घेरने के लिए शिवसेना (उबाठा) ने मराठवाड़ा में ‘तुमसे ना हो पाएगा’ आंदोलन शुरू किया

सरकार को घेरने के लिए शिवसेना (उबाठा) ने मराठवाड़ा में 'तुमसे ना हो पाएगा' आंदोलन शुरू किया

सरकार को घेरने के लिए शिवसेना (उबाठा) ने मराठवाड़ा में ‘तुमसे ना हो पाएगा’ आंदोलन शुरू किया
Modified Date: September 12, 2026 / 08:18 pm IST
Published Date: September 12, 2026 8:18 pm IST

हिंगोली, 12 सितंबर (भाषा) शिवसेना (उबाठा) ने महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में विकास कार्यों के वादे पूरे नहीं करने को लेकर शनिवार दोपहर हिंगोली में देवेंद्र फडणवीस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

‘तुमसे ना हो पाएगा’ नाम से आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व विधान परिषद सदस्य और विधान परिषद में विपक्ष के पूर्व नेता अंबादास दानवे ने किया।

हिंदी फिल्म से लिया गया यह वाक्य किसी की अक्षमता और काम करने में असमर्थता पर तंज कसने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी का यह आंदोलन 17 सितंबर को होने वाले मराठवाड़ा मुक्ति दिवस की वर्षगांठ से पहले राज्य की ‘महायुति’ सरकार को घेरने के प्रयासों का हिस्सा है।

यह दिवस 1948 में क्षेत्र को हैदराबाद के निजाम के शासन से मुक्ति मिलने की याद में मनाया जाता है।

दानवे ने प्रदर्शन के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विकास कार्यों के 780 वादे किए थे, लेकिन जिले के लिए किए गए इन वादों में से 1.5 प्रतिशत भी पूरे नहीं किए गए हैं। सरकार ने राजनीतिक रूप से जिले का इस्तेमाल किया लेकिन विकास के लिए कुछ नहीं किया।’’

शिवसेना (उबाठा) नेता ने दावा किया कि राज्य में सबसे अधिक किसान आत्महत्याएं मराठवाड़ा में होती हैं।

दानवे ने कहा कि मुक्ति के बाद मराठवाड़ा बिना किसी शर्त के महाराष्ट्र में शामिल हुआ था, लेकिन इसके बावजूद वह अब भी अन्याय झेल रहा है।

दानवे ने पार्टी की मांगों को लेकर ‘रेजिडेंट कलेक्टर’ प्रतीक्षा भुते को ज्ञापन सौंपने से पहले कहा, ‘‘यह जन आंदोलन 17 सितंबर को छत्रपति संभाजीनगर में उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में समाप्त होगा।’’

भाषा राखी शफीक

शफीक


लेखक के बारे में