सर्पदंश से मौतें: उच्च न्यायालय ने भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की देखभाल के दिए निर्देश
सर्पदंश से मौतें: उच्च न्यायालय ने भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की देखभाल के दिए निर्देश
मुंबई, 29 अगस्त (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि गढ़चिरौली जिले के एक आश्रम विद्यालय में सांप के डसने से तीन छात्राओं की मौत के बाद राज्यभर में भूख हड़ताल कर रहे आदिवासी छात्रों का कल्याण सुनिश्चित किया जाए।
विरोध-प्रदर्शनों पर चिंता जताते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ ने कहा कि वह नहीं चाहती कि अब किसी और युवा की जान जाए।
अदालत महाराष्ट्र के आश्रम विद्यालयों की स्थिति के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
महाराष्ट्र, खासकर आदिवासी बहुल इलाकों में आदिवासी छात्रों ने गढ़चिरौली जिले के जपतलाई गांव के एक आश्रम विद्यालय में सांप के डसने से तीन छात्राओं की मौत के बाद भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इस घटना में विद्यालय के तीन अन्य विद्यार्थियों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अदालत ने कहा, ‘‘सांप के डसने से तीन छात्राओं की मौत के बाद भूख हड़ताल शुरू करने वाले छात्रों का ध्यान रखा जाए।’’
अदालत ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने का भी निर्देश दिया कि भूख हड़ताल कर रहे छात्रों को पर्याप्त और समय पर उपचार मिले।
अदालत ने कहा, ‘‘यह सुनिश्चित करें कि हर समय डॉक्टर उपलब्ध रहें और जरूरत पड़ने पर छात्रों को चिकित्सकीय सहायता या भोजन देने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाए।’’
महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने अदालत को बताया कि सरकार ने तेजी से कार्रवाई की है और सक्रिय कदम उठाने के साथ प्रभावी उपाय किए गए हैं।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को तय की।
आदिवासी बहुल जपतलाई स्थित सह-शिक्षा आवासीय विद्यालय ‘अनुदानित प्राथमिक/माध्यमिक आश्रम शाला’ के परिसर में 65 छात्राएं मौजूद थीं, जब सांप ने उनमें से छह को डस लिया।
भाषा आशीष सुरेश
सुरेश

Facebook


