ठाणे की अदालत ने 11 साल पुराने बलात्कार मामले में एक व्यक्ति को बरी किया

ठाणे की अदालत ने 11 साल पुराने बलात्कार मामले में एक व्यक्ति को बरी किया

ठाणे की अदालत ने 11 साल पुराने बलात्कार मामले में एक व्यक्ति को बरी किया
Modified Date: February 20, 2026 / 03:18 pm IST
Published Date: February 20, 2026 3:18 pm IST

ठाणे, 20 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे की एक विशेष अदालत ने एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोपी (37) को बरी कर दिया।

अदालत ने कहा कि अभियोजन यह साबित करने में विफल रहा कि पीड़िता घटना के समय “नाबालिग” थी और उसके बयान में विरोधाभास पाए गए।

अदालत ने 12 फरवरी को यह फैसला दिया, जिसकी प्रति बृहस्पतिवार को उपलब्ध हुई।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी एस देशमुख ने केतन चंद्रकांत कदम उर्फ नन्हे को बरी कर दिया। देशमुख पर भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए थे।

मामले में ए बी भामरे-पाटिल विशेष लोक अभियोजक थे, जबकि आरोपी की ओर से अधिवक्ता सुधाकर पराड ने पैरवी की।

अभियोजन के अनुसार, जुलाई 2014 में कदम ने 12 वर्षीय लड़की को एक अन्य किशोर द्वारा बहाने से अपने घर बुलवाकर उसके साथ दो बार बलात्कार किया।

अदालत ने कहा, “मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य के अभाव में यह विश्वास करना कठिन है कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। अतः अभियोजन यह सिद्ध करने में असफल रहा कि पीड़िता पॉक्सो अधिनियम की धारा 2(डी) के तहत ‘नाबालिग’ है।”

न्यायाधीश ने कहा कि अदालत में पेश किए गए चिकित्सीय दस्तावेज बार-बार यौन उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि नहीं करते।

उन्होंने कहा कि गवाही देने वाले चिकित्सा अधिकारी को पीड़िता के शरीर पर कोई बाहरी या आंतरिक चोट नहीं मिली थी।

अदालत ने पीड़िता के अदालत में दिए गए बयान और उसके पूर्व बयान के बीच “अंतर” को भी रेखांकित किया और कहा कि इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि उसे “सिखाया-पढ़ाया गया हो।”

अदालत ने कहा, “उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं होते।’’ इसके बाद अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।

भाषा

राखी अविनाश

अविनाश


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