ठाणे की अदालत ने 2021 के हमले के मामले में एक व्यक्ति को बरी किया
ठाणे की अदालत ने 2021 के हमले के मामले में एक व्यक्ति को बरी किया
ठाणे, 15 मई (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने 2021 में एक व्यक्ति पर हंसिया से हमला करने के आरोपी 35 वर्षीय व्यक्ति को यह कहते हुए बरी कर दिया कि पीड़ित ने हमले के बारे में ‘अस्पष्ट’ जानकारी दी और सबूतों में कोई दम नहीं था।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस बी अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को गणेश नगर निवासी जितेंद्र नारायण बुद्धिवंत को 2021 के हत्या के प्रयास के मामले में बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि सात और आठ नवंबर, 2021 की दरमियानी रात को बुद्धिवंत ने मनोरमा नगर इलाके में प्रतीक चिंतामन पाटिल पर पुरानी दुश्मनी के चलते हमला किया था।
न्यायाधीश अग्रवाल ने टिप्पणी की कि हमले के संबंध में पाटिल का बयान ‘काफी अस्पष्ट’ था।
अभियोजन पक्ष के मामले में विसंगतियों को इंगित करते हुए, अदालत ने कहा, ‘मुखबिर का बयान… प्रकृति में काफी अस्पष्ट है क्योंकि इसमें केवल इतना कहा गया है कि वह मोटरसाइकिल पर जा रहा था, जब आरोपी ने उसे रोका और उससे कुछ भी कहे बिना कोयता (हंसिया) से उस पर हमला किया।’
अदालत ने पीड़ित के बयान और घटना के दो महीने बाद दर्ज किए गए एक चश्मदीद गवाह के बयान के बीच की विसंगतियों पर भी प्रकाश डाला।
इसमें प्रक्रियात्मक चूक और साक्ष्य संबंधी कमियों का उल्लेख किया गया, जिसमें पीड़ित को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति जैसे प्रमुख व्यक्तियों से पूछताछ न करना भी शामिल है।
चिकित्सा साक्ष्यों में पीड़ित की चोटों को ‘मामूली’ श्रेणी में रखा गया है, जिससे भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत आरोप और भी कमजोर हो जाता है।
अदालत ने आरोपी की जमानत रद्द करने और उसे तत्काल बरी करने का आदेश दिया।
भाषा तान्या मनीषा वैभव
वैभव

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