ठाणे की अदालत ने हत्या के आरोपी छह लोगों को बरी किया
ठाणे की अदालत ने हत्या के आरोपी छह लोगों को बरी किया
ठाणे, सात जनवरी (भाषा) ठाणे की एक अदालत ने अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कथित कार्यकर्ता बताए जा रहे छह लोगों को 2021 में एक सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या के मामले में बरी कर दिया।
अदालत ने 13 साल तक चली सुनवाई में अभियोजना पक्ष को झटका देते हुए फैसला दिया कि मामले में ‘निष्पक्ष साक्ष्य’ प्रस्तुत नहीं किये जा सके हैं।
अभियोजन के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या 2012 के नगर महापालिका चुनावों के दौरान उपजी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण की गई थी। पीड़ित की पत्नी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही थीं, जबकि आरोपी कथित तौर पर अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)के कार्यकर्ता थे। खबरों के अनुसार, जनवरी 2012 में एक चुनाव बूथ की स्थापना को लेकर तनाव पैदा हुआ था।
जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एसबी अग्रवाल ने मंगलवार को छह आरोपियों को आरोप मुक्त करने का फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार हत्या 17 जून, 2012 को कपूरबावड़ी पुलिस थाना क्षेत्र में की गई थी।
शिकायतकर्ता, रोनाल्ड एंथोनी इसाक ने आरोप लगाया था कि आनंद गणपत साल्वे, गणपत पुनाजी साल्वे, गौतम गोविंद मोरे, संतोष सागर बंसोडे, अमोल जीजा कांबले और संतोष भीवा वेटकर ने उसकी हत्या की साजिश रची और उस पर तलवारों से हमला किया, उसका गला काट दिया और उसे 28 टांके लगाने पड़े।
बचाव पक्ष की ओर से पेश हुए अधिवक्ता राजन सालुंके ने अभियोजन के पक्ष और उसके गवाहों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।
न्यायाधीश अग्रवाल ने टिप्पणी की कि कथित चश्मदीदों द्वारा हमले को वास्तव में देखे जाने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकांश गवाह या तो मुखबिर के मित्र, कर्मचारी या राजनीतिक रूप से उससे जुड़े हुए थे।
अदालत ने हथियारों की बरामदगी में भी खामी पाई।
भाषा धीरज नरेश
नरेश

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