ठाणे की अदालत ने नाबालिग के अपहरण और बलात्कार के तीन आरोपियों को किया बरी

ठाणे की अदालत ने नाबालिग के अपहरण और बलात्कार के तीन आरोपियों को किया बरी

ठाणे की अदालत ने नाबालिग के अपहरण और बलात्कार के तीन आरोपियों को किया बरी
Modified Date: May 14, 2026 / 02:44 pm IST
Published Date: May 14, 2026 2:44 pm IST

ठाणे, 14 मई (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत ने 2016 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण, तस्करी और बलात्कार के मामले में 31 वर्षीय महिला सहित तीन लोगों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष ‘‘बुनियादी तथ्यों’’ को साबित करने में विफल रहा।

विशेष न्यायाधीश जी. टी. पवार ने बुधवार को काजल ठाकुर (31), मोहसिन नसीम खान (31) और गोविंद उर्फ ​​राजेश मेपालाल सथलिया (50) को भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत आरोपों से बरी कर दिया।

अभियोजन पक्ष का आरोप था कि तीन जनवरी, 2016 को काजल ठाकुर ने 17 वर्षीय लड़की का अपहरण किया और उसे विभिन्न लॉज में ले गई, जहां मोहसिन खान ने उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया, जबकि सथलिया ने उसका उत्पीड़न करने की कोशिश की।

अदालत ने पाया कि नाबालिग मादक पदार्थों की आदी थी और उसका उपचार जारी था।

अदालत ने कहा कि वह कथित घटना से पहले भी चार बार अपना घर छोड़ चुकी थी। अदालत ने अपहरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लड़की ने अपने बयान में यह नहीं बताया कि काजल ने उसे साथ जाने के लिए उकसाया या मजबूर किया था।

अदालत ने कथित हमले के समय और चिकित्सा साक्ष्यों के बीच विसंगतियों को भी रेखांकित किया। अदालत ने कहा कि किशोरी ने दावा किया कि 11 जनवरी, 2016 को उसके साथ बलात्कार हुआ था, जबकि उसने 10 जनवरी को ही चिकित्सक को उत्पीड़न की जानकारी दी थी।

अदालत ने यह भी कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि नाबालिग पर पुलिस के पास न जाने का कोई दबाव था या नहीं।

अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने में पांच दिन की देरी और नाबालिग के साथ आरोपियों के ठहरने को साबित करने के लिए लॉज रजिस्टर की अनुपलब्धता पर भी गौर किया।

भाषा सुमित शफीक

शफीक


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