ठाणे की अदालत ने पड़ोसी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

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ठाणे की अदालत ने पड़ोसी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

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  • Publish Date - April 18, 2026 / 02:28 PM IST,
    Updated On - April 18, 2026 / 02:28 PM IST

ठाणे, 18 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने 2016 में एक विवाद को लेकर अपने पड़ोसी की चाकू मारकर हत्या करने के आरोपी 42 वर्षीय व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

उसके माता-पिता को अपराध में उनकी भूमिका साबित करने के लिए सबूतों की कमी का हवाला देते हुए बरी कर दिया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी एस देशमुख ने शुक्रवार को मोहम्मद असगर उर्फ ​​समर दिलशाद हुसैन सैयद को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 504 (जानबूझकर अपमान) के तहत लगाए गए आरोपों में दोषी पाया।

अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

अदालत ने असगर के पिता दिलशाद हुसैन शाहंशाह सैयद और मां इफसारी दिलशाद हुसैन सैयद को बरी कर दिया।

अतिरिक्त लोक अभियोजक वी जी काडू ने मुंब्रा के कौसा इलाके में 21 मई, 2016 को हुई घटना के बारे में बताया, जब पीड़ित अहमद रजा शेख का असगर से अपनी बहन को कथित तौर पर परेशान करने और उसके घर में ताक-झांक करने को लेकर झगड़ा हो गया था।

उनके बीच हाथापाई हुई और आरोपी अपने घर से चाकू ले आया तथा गवाहों के सामने अहमद पर कई बार वार किया। पीड़ित ने तीन दिन बाद सायन अस्पताल में दम तोड़ दिया।

न्यायाधीश देशमुख ने गौर किया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों ने अपने बयानों में ‘सुधार’ करते हुए कहा है कि आरोपी के माता-पिता ने पीड़ित के हाथ पकड़ लिए थे जिससे वह अपना बचाव नहीं कर पाया।

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा