ठाणे की एमएसीटी ने दुर्घटना में घायल दो महिलाओं को 28.6 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा दिया

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ठाणे की एमएसीटी ने दुर्घटना में घायल दो महिलाओं को 28.6 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा दिया

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  • Publish Date - February 23, 2026 / 12:59 PM IST,
    Updated On - February 23, 2026 / 12:59 PM IST

ठाणे, 23 फरवरी (भाषा) ठाणे स्थित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने साल 2018 में एक सड़क दुर्घटना में स्थायी रूप से दिव्यांग हुई एक महिला दर्जी को 20.9 लाख रुपये और एक घरेलू सहायिका को 7.7 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

हादसे के बाद महिला दर्जी के शरीर का निचला हिस्सा निष्क्रिय हो गया था जिससे वह 80 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता का शिकार हो गई थीं। हालांकि, एमएसीटी ने उनकी कार्यात्मक दिव्यांगता को 50 प्रतिशत ही आंका तथा कहा कि आधुनिक इलेक्ट्रिक सिलाई मशीनों को हाथों और कोहनी की मदद से भी चलाया जा सकता है।

एमएसीटी के सदस्य आरवी मोहिते ने 12 फरवरी को पारित दो अलग-अलग आदेशों में दुर्घटना में शामिल ट्रेलर ट्रक की बीमा कंपनी को मुआवजे की राशि का भुगतान करने कहा तथा कंपनी को बीमा शर्तों के ‘जानबूझकर उल्लंघन’ के कारण वाहन के मालिक से इसकी वसूली करने का निर्देश दिया है।

इन आदेशों की प्रति सोमवार को प्राप्त हुई।

यह घटना 24 अप्रैल 2018 को हुई थी, जब घरेलू सहायिका रत्ना विजय भागवत (44) और दर्जी सायली विजय सालुंखे (35) एक लग्जरी बस से यात्रा कर रही थीं। बस को आरोपी वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी थी जिससे बस के दो चालकों की मौत हो गई थी तथा कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

मोहिते के अनुसार, यह दुर्घटना ‘संयुक्त लापरवाही’ का मामला है।

अधिकरण के अनुसार, ट्रेलर को राजमार्ग पर लापरवाही से खड़ा किया गया था जिसके कारण बस चालक को वह दिखाई नहीं दिया तथा दुर्घटना की तारीख पर ट्रेलर के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र भी नहीं था, जो बीमा नियमों की शर्तों का उल्लंघन है।

महिला दर्जी सालुंखे को मुआवजे के रूप में 20,92,510 रुपये दिए गए, जिसमें भविष्य के चिकित्सा संबंधी खर्चों के लिए 1.5 लाख रुपये शामिल हैं।

कमर के निचले हिस्से में चोट के कारण भागवत 51 प्रतिशत स्थायी आंशिक दिव्यांगता का शिकार हुई। अधिकरण ने उनकी कार्यात्मक दिव्यांगता का आकलन 30 प्रतिशत पर करते हुए उन्हें 7,75,653 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

अधिकरण ने याचिका दायर करने की तिथि से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ मुआवजे की राशि के भुगतान का आदेश दिया। साथ ही भागवत के लिए दो लाख रुपये और सालुंखे के लिए तीन लाख रुपये की राशि सावधि जमा खाता में रखने का निर्देश दिया है।

भाषा प्रचेता मनीषा

मनीषा