महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या हो सकती है आधी

महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या हो सकती है आधी

महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या हो सकती है आधी
Modified Date: May 13, 2026 / 01:47 pm IST
Published Date: May 13, 2026 1:47 pm IST

मुंबई, 13 मई (भाषा) महाराष्ट्र सरकार मंत्रियों के काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या आधी करने पर विचार कर रही है और इस संबंध में अंतिम फैसला बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में होने वाली दो उच्चस्तरीय बैठकों के बाद लिया जा सकता है।

यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता और संसाधनों के कुशल उपयोग की हाल में की गयी अपील के बाद उठाया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, फडणवीस ने सुबह एक प्रारंभिक बैठक की और दोपहर में दूसरी बैठक की अध्यक्षता करने वाले हैं। इन चर्चाओं में महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव के शामिल होने की संभावना है।

सूत्रों ने बताया कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था से समझौता किए बिना मंत्रियों के काफिलों के आकार को तर्कसंगत बनाने के उपायों पर विचार कर रही है।

उन्होंने कहा कि सभी मंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या लगभग 50 प्रतिशत तक घटाने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव के सुरक्षा और प्रशासनिक पहलुओं की व्यापक समीक्षा के बाद दोपहर की बैठक के बाद आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में मितव्ययिता की अपील करने और नागरिकों से ईंधन से चलने वाले वाहनों के उपयोग को कम करने का आग्रह करने के कुछ दिनों बाद अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या में कटौती करने की घोषणा की।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के हालिया घरेलू दौरों के दौरान उनके काफिले में शामिल वाहनों की संख्या में काफी कमी आई है।

हालांकि, विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों को बरकरार रखा गया है।

पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए मितव्ययिता अपनाने पर जोर दिया था।

प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक इस्तेमाल, पार्सल ढुलाई के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) को बढ़ावा देने का सुझाव दिया था।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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