लातूर, 16 जनवरी (भाषा) लातूर महानगरपालिका में शुक्रवार को कांग्रेस की स्पष्ट जीत ने यह दर्शाया कि पार्टी के दिवंगत नेता विलासराव देशमुख की विरासत की जड़ें मध्य महाराष्ट्र के इस शहर में आज भी मजबूत हैं और चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के प्रमुख की विवादास्पद टिप्पणी उलटी पड़ गई।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि देशमुख की यादों को उनके गृह नगर लातूर से ‘मिटा दिया जाएगा’।
मराठवाड़ा क्षेत्र के लोकप्रिय नेता और दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे देशमुख का 2012 में निधन हो गया था।
लातूर महानगरपालिका की 70 में से 43 सीट कांग्रेस ने हासिल कीं, जबकि भाजपा को 22, वंचित बहुजन आघाडी को चार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को एक सीट पर जीत मिली।
यहां 2017 के पिछले चुनावों में भाजपा ने 36 सीट जीती थीं, जबकि कांग्रेस 33 सीट के साथ दूसरे स्थान पर रही थी।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि चव्हाण की टिप्पणियों ने कांग्रेस के पक्ष में वोटों को एकजुट किया।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि उनकी टिप्पणी पर हुई तीव्र प्रतिक्रियाओं से पता चलता है कि मराठवाड़ा में विलासराव देशमुख की स्मृति से कितना भावनात्मक जुड़ाव है।
भाषा यासिर दिलीप
दिलीप