आशा भोसले की अंतिम यात्रा में हजारों प्रशंसकों की भीड़ उमड़ी
आशा भोसले की अंतिम यात्रा में हजारों प्रशंसकों की भीड़ उमड़ी
(तस्वीरों के साथ)
मुंबई, 13 अप्रैल (भाषा) महान गायिका आशा भोसले की अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पार्थिव शरीर को लोअर परेल से शिवाजी पार्क ले जाए जाने के दौरान लोग अपने घरों की छतों और खिड़कियों से ‘आशा ताई’ को नम आंखों से विदाई दे रहे थे, और सैकड़ों लोग उस वाहन के साथ चल रहे थे जिसमें महान गायिका की ‘निष्प्राण देह’ रखी थी।
पार्थिव शरीर को ले जा रहे वाहन को आशा के पसंदीदा सफेद और पीले फूलों से सजाया गया था, जिस पर लाल साड़ी पहने, बिंदी लगाए और महाराष्ट्र की पारंपरिक नथ पहने महान गायिका की एक बड़ी तस्वीर लगी हुई थी।
भारत के सबसे प्रसिद्ध पार्श्व गायकों में से एक, भोसले का रविवार सुबह ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
उनकी अंतिम यात्रा लोअर परेल स्थित उनके आवास से पांच किलोमीटर दूर दादर स्थित शिवाजी पार्क के लिए शुरू हुई।
शिवाजी पार्क वही स्थान है जहां आशा भोसले की बड़ी बहन एवं सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर का फरवरी 2022 में अंतिम संस्कार किया गया था। उनका निधन भी रविवार के दिन 92 याल की उम्र में ही हुआ था।
इससे पहले, भोसले के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए कांच के ताबूत में उनके आवास पर रखा गया था, जो तिरंगे में लिपटा हुआ था। इस दौरान पृष्ठभूमि में धीमी आवाज में उनके सदाबहार गीत – ‘आओ हुज़ूर तुमको’, ‘आइए मेहरबान’, ‘झुमका गिरा रे’, ‘दिल चीज़ क्या है’, ‘ओ साथी रे’ और ‘याई रे याई रे’ बज रहे थे।
यह एक तरह से इस बात की याद दिलाता है कि गायिका भले ही हमारे बीच न हों, लेकिन उनके गीत हमेशा अमर रहेंगे।
इस दौरान भोसले के बेटे आनंद और पोती ज़नाई और परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। उनकी गायिका बहन उषा मंगेशकर और भाई हृदयनाथ मंगेशकर भी मौजूद थे।
सैकड़ों लोग जहां उनके घर के बाहर एकत्र थे, वहीं राजनीतिक नेताओं, फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों, खेल जगत की हस्तियों तथा अन्य ने महान गायिका को श्रद्धांजलि अर्पित की।
फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों आशा पारेख और हेलेन, रणवीर सिंह, तब्बू, संगीतकार एआर रहमान, क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर और राजनीतिक नेता उद्धव ठाकरे, प्रफुल्ल पटेल तथा सुप्रिया सुले सहित कई लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
बारह हजार से अधिक गीत गाने वाली भोसले पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के पुरस्कार और महाराष्ट्र भूषण से सम्मानित थीं।
भाषा नेत्रपाल नरेश
नरेश

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