राष्ट्र-विरोधी ताकतों से ‘भारत छोड़ो’ कहने का समय: फडणवीस
राष्ट्र-विरोधी ताकतों से ‘भारत छोड़ो’ कहने का समय: फडणवीस
मुंबई, 10 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कुछ ‘‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों’’ के खिलाफ नए सिरे से ‘‘भारत छोड़ो’’ आंदोलन का आह्वान किया और दावा किया कि ये ताकतें भारत को महाशक्ति बनने की दिशा में बढ़ने से रोकने के लिए लगातार देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही हैं।
फडणवीस ने यहां तिरंगा रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्र-विरोधी तत्वों को यह नहीं भूलना चाहिए कि युवाओं ने हाथों में तिरंगा थाम रखा है और युवा शक्ति को रोका नहीं जा सकता।
फडणवीस ने कहा, ‘‘मुंबई में लोगों ने अगस्त क्रांति दिवस देखा था, जब आजादी से पहले ‘करो या मरो’ और ‘भारत छोड़ो’ के नारे दिए गए थे। अब हमें फिर ‘करो या मरो’ का नारा चाहिए, लेकिन इस बार अपने देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए। यह समय राष्ट्र-विरोधी ताकतों को ‘भारत छोड़ो’ कहने का है। यह क्रांति हमारे जीवन में बदलाव लाएगी।’’
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और उसने कई अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि भारत के वैज्ञानिकों ने चंद्रमा के सुदूर हिस्से पर उतरने की उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि साथ ही, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश की क्षमताएं लगातार बढ़ रही हैं और निजी कंपनियां भी रॉकेट प्रक्षेपित कर रही हैं।
फडणवीस ने दावा किया कि कुछ ताकतें भारत की विकास गति को रोकना चाहती हैं क्योंकि उन्हें डर है कि मौजूदा रफ्तार से आगे बढ़ने पर देश वैश्विक महाशक्ति बन जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ताकतें लगातार भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही हैं। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि युवाओं ने हाथों में तिरंगा थाम रखा है। उन्हें रोका नहीं जा सकता और इसलिए भारत की प्रगति को भी नहीं रोका जा सकता।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पास 2047 तक वैश्विक महाशक्ति बनने का लक्ष्य हासिल करने के लिए अब केवल दो दशक बचे हैं। उन्होंने लोगों से विभाजनकारी मुद्दों पर समय बर्बाद नहीं करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘‘2047 तक भारत दुनिया की महाशक्ति होगा। हम जाति और अन्य छोटे-छोटे मुद्दों में उलझकर समय बर्बाद नहीं कर सकते।’’
एकता का आह्वान करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता फडणवीस ने लोगों से साथ मिलकर आगे बढ़ने की अपील की और उन्हें आपस में बहस करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तिरंगे और संविधान के प्रति सम्मान तथा राष्ट्रीय गौरव लोगों की चेतना के केंद्र में बना रहना चाहिए।
भाषा अमित नेत्रपाल
नेत्रपाल

Facebook


