Trimbakeshwar Historic Shivling : 65 फीट गहराई में छिपा था सदियों पुराना शिवलिंग, पानी हटते ही दिए दर्शन, देखकर श्रद्धालु भी रह गए हैरान, देखें आप भी..

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Trimbakeshwar Historic Shivling : 65 फीट गहराई में छिपा था सदियों पुराना शिवलिंग, पानी हटते ही दिए दर्शन, देखकर श्रद्धालु भी रह गए हैरान, देखें आप भी..

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 09:28 AM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 09:40 AM IST

Trimbakeshwar Historic Shivling | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में प्राचीन शिवलिंग के दर्शन
  • ASI ने अमृतकुंड की सफाई कर पानी निकाला
  • 65 फीट गहरा अमृतकुंड पेशवा कालीन माना जाता है

नासिक: Trimbakeshwar Historic Shivling सावन महीने से पहले एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल, प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक, श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में एक प्राचीन शिवलिंग के दर्शन हुए है। यह शिवलिंग श्री त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक अमृतकुंड के तल में मिला है। शिवलिंग के दर्शन के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ASI द्वारा संरक्षण कार्य के तहत अमृतकुंड का पानी निकालकर उसकी सफाई की गई। जिसके बाद शिवलिंग स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

सफाई के दौरान दिखा दुलर्भ नजारा

Trimbakeshwar Historic Shivling बताया जा रहा है कि यह दुर्लभ नजारा तब सामने आया जब ASI यानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षण कार्य के तहत अमृतकुंड के पानी को बाहर निकाल रहे ​थे। जैसे ही कुंड का पानी पूरी तरह खाली हुआ, उसके तल में मौजूद प्राचीन शिवलिंग पूरी तरह से स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा।

65 फीट गहरा ‘अमृतकुंड’

65 फीट गहरा यह अमृतकुंड पेशवा कालीन माना जाता है। इस कुंड का धार्मिक महत्व अत्यधिक है क्योंकि इसी अमृतकुंड के पवित्र जल का उपयोग श्री त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग की नियमित पूजा और अभिषेक के लिए किया जाता है।

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शिवलिंग कहां मिला?

श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर के अमृतकुंड के तल में।

अमृतकुंड की गहराई कितनी है?

यह लगभग 65 फीट गहरा है।

अमृतकुंड का धार्मिक महत्व क्या है?

इसके पवित्र जल का उपयोग त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा और अभिषेक में किया जाता है।