MSP for Vegetables: किसानों से फल और सब्जियों की होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी? बीजेपी सरकार लेने जा रही बड़ा फैसला, ओम बिरला बोले- पीएम मोदी का सपना होगा साकार

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MSP for Vegetables: किसानों फल और सब्जियों की होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी? बीजेपी सरकार लेने जा रही बड़ा फैसला, ओम बिरला बोले- पीएम मोदी का सपना होगा साकार

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 09:39 AM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 09:39 AM IST

MSP for Vegetables: किसानों से फल और सब्जियों की होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी? बीजेपी सरकार लेने जा रही बड़ा फैसला, ओम बिरला बोले- पीएम मोदी का सपना होगा साकार / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • कार्यशाला में करीब 1,000 किसानों ने भाग लिया
  • किसानों को स्थायी लाभ मिलेगा और आय बढ़ेगी
  • रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान

जयपुर: MSP for Vegetables in India लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन एवं निर्देशों की पालना में सोमवार को कोटा में प्राकृतिक खेती विषयक भव्य किसान कार्यशाला का आयोजन किया गया। सोमवार को आयोजित कार्यशाला में लगभग एक हजार किसानों ने भाग लेकर प्राकृतिक खेती, कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली खेती, बेहतर उत्पादन, कृषि विपणन, पशुपालन तथा उद्यानिकी के माध्यम से आय बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया तथा कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों का सम्मान भी किया गया।

प्राकृतिक खेती भारत की विरासत, समय की मांग

MSP for Vegetables in India कार्यशाला में ओम बिरला ने कहा कि खेत में किसान और सीमा पर जवान देश के प्राण हैं। वे हाड़ौती के किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने तथा खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं और इसे साकार करके रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती भारत की प्राचीन विरासत रही है तथा धरती की उर्वरा शक्ति, मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करना आज समय की आवश्यकता है।

खेती को मिलेगा व्यवसाय का स्वरूप

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि हाड़ौती की जलवायु, उपजाऊ भूमि एवं भरपूर जल उपलब्धता इसे प्राकृतिक खेती के लिए देश के चुनिंदा क्षेत्रों में शामिल करती है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहकर बहुफसली खेती, उद्यानिकी, फल उत्पादन, मधुमक्खी पालन एवं पशुपालन को भी अपनाना चाहिए ताकि खेती लाभकारी व्यवसाय बन सके।

सिंचाई परियोजनाओं से खेतों तक पहुंचेगा पानी

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान हितैषी सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने गुजरात में सिंचाई का आदर्श मॉडल विकसित किया तथा देशभर में वर्षों से लंबित लगभग 99 सिंचाई परियोजनाओं को गति देकर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ईआरसीपी एवं परवन जैसी महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं भी शीघ्र पूर्ण होंगी, जिससे किसानों को स्थायी लाभ मिलेगा।

पशुपालन, डेयरी और कोल्ड स्टोरेज से बढ़ेगी किसानों की आय

ओम बिरला ने कहा कि हाड़ौती में पशुपालन की असीम संभावनाएं हैं। पशुपालन प्राकृतिक खेती का भी मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तहसील एवं पंचायत स्तर पर कोल्ड स्टोरेज विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा ताकि पशुओं के लिए हरा चारा सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि मदर डेयरी एवं सरस डेयरी के साथ समन्वय स्थापित कर पशुपालकों का दूध, फल एवं सब्जियां उचित मूल्य पर खरीदी जाना सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सके और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो।

देश के बड़े बाजारों से जुड़ेंगे किसान

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों के लिए आधुनिक मार्केटिंग लिंक तैयार किए जा रहे हैं जिससे वे हाड़ौती में रहकर ही दिल्ली, मुंबई सहित देश के बड़े बाजारों के भाव जान सकेंगे तथा अपने उत्पाद उचित मूल्य पर बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले और किसी भी किसान को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।

फलोद्यान और बहुमुखी खेती पर दिया जोर

उन्होंने कहा कि हाड़ौती की जलवायु आम, नींबू, जामुन, पपीता सहित अनेक फलदार पौधों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। किसानों को फलोद्यान विकसित करने, उच्च गुणवत्ता वाले बीज अपनाने तथा फल, फसल, वृक्ष एवं पशुपालन आधारित बहुमुखी खेती की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर किसानों एवं मातृशक्ति को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

हर पात्र किसान तक पहुंचेगी योजनाओं का लाभ

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पात्र किसान को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। इसके लिए किसान को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे बल्कि प्रशासन एवं संबंधित विभाग स्वयं किसानों तक पहुंचकर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराएंगे।

कृषि में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: कल्पना देवी

लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने कहा कि यदि किसान इस कार्यशाला में प्राप्त जानकारी को व्यवहार में अपनाते हैं तो कृषि क्षेत्र में नई क्रांति का सूत्रपात होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों, महिलाओं, युवाओं एवं श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कृषि क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए ड्रोन दीदी एवं लखपति दीदी जैसी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक किसान के खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों ने दी जानकारी, किसानों ने साझा किए अनुभव

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन सहित कम लागत में अधिक गुणवत्ता वाली उपज प्राप्त करने के उपायों की जानकारी दी तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए इसके लाभ बताए। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कोटा जिले में 35 क्लस्टरों के माध्यम से अब तक 4,375 किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं तथा जिले का लगभग 4 प्रतिशत कृषि क्षेत्र प्राकृतिक एवं जैविक खेती के अंतर्गत है।

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किसान कार्यशाला का आयोजन कहां किया गया?

प्राकृतिक खेती विषयक किसान कार्यशाला का आयोजन राजस्थान के कोटा में किया गया।

कार्यशाला में कितने किसानों ने भाग लिया?

इस कार्यशाला में लगभग 1,000 किसानों ने भाग लेकर प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

ओम बिरला ने प्राकृतिक खेती को लेकर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती भारत की प्राचीन विरासत है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा मानव स्वास्थ्य के लिए रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करना समय की आवश्यकता है।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए क्या सुझाव दिए गए?

किसानों को बहुफसली खेती, फलोद्यान, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, डेयरी, कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक कृषि विपणन अपनाने की सलाह दी गई।

कोटा जिले में प्राकृतिक खेती की वर्तमान स्थिति क्या है?

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कोटा जिले में 35 क्लस्टरों के माध्यम से 4,375 किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं और जिले का लगभग 4% कृषि क्षेत्र प्राकृतिक एवं जैविक खेती के अंतर्गत है।