युवाओं के आंदोलन ने लोकतंत्र में जान फूंकने वाली ‘ऑक्सीजन’ जैसा: उद्धव ठाकरे

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युवाओं के आंदोलन ने लोकतंत्र में जान फूंकने वाली ‘ऑक्सीजन’ जैसा: उद्धव ठाकरे

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  • Publish Date - July 26, 2026 / 09:01 PM IST,
    Updated On - July 26, 2026 / 09:01 PM IST

(फाइल फोटो सहित)

मुंबई, 26 जुलाई (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से हटाने की मांग को लेकर युवाओं के आंदोलन को ‘‘लोकतंत्र के लिए ऑक्सीजन’’ करार दिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भगवान विष्णु का अवतार बताते हुए कहा कि ‘‘बदलाव’’ लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थकों पर निशाना साधते हुए कहा कि देशभक्तों ने ‘‘अंधभक्तों’’ को हरा दिया है।

पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में ठाकरे का साक्षात्कार रविवार को प्रकाशित हुआ। परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए अभूतपूर्व आंदोलन के बाद प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

ठाकरे ने शिवसेना (उबाठा) के सांसद और पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक संजय राउत को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि कॉजपा का विरोध प्रदर्शन सरकार और विपक्ष, दोनों की विफलता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यह सराहनीय है कि लोगों में अब जेल या बंदूक का डर नहीं रहा और यह सत्तारूढ़ दल के लिए ‘‘खतरनाक’’ स्थिति है।

देश में बदलाव का अनुमान जताते हुए शिवसेना (उबाठा) नेता ने कहा कि या तो भाजपा खुद को बदले, या फिर देश भाजपा को बदल देगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

अभिजीत दीपके द्वारा स्थापित कॉजपा के आह्वान पर शुरू हुआ यह आंदोलन पिछले कुछ सप्ताह में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों की मांग की।

ठाकरे ने प्रदर्शनकारी युवाओं को भगवान विष्णु का अवतार करार देते हुए कहा, ‘‘इन आंदोलनों ने उस लोकतंत्र को ऑक्सीजन दी है, जो लगभग दम तोड़ रहा था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कॉजपा का आंदोलन केवल सत्तारूढ़ दल की ही नहीं, बल्कि विपक्ष की भी विफलता है। मैंने कुछ समय पहले भी कहा था कि देश का राजनीतिक नेताओं पर से भरोसा उठ गया है।’’

ठाकरे ने कॉजपा का समर्थन करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि अन्यथा ‘‘जोंकें लोकतंत्र का पूरा खून चूस लेंगी।’’

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश को केवल ‘‘लॉलीपॉप’’ दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में उसे कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं का यह आक्रोश केवल नीट को लेकर नहीं है, बल्कि पिछले 12 वर्षों में हुए विश्वासघात और असंतोष का परिणाम है।

ठाकरे ने कहा, ‘‘दिल्ली से मुंबई तक मुझे महसूस हुआ है कि लोग अब डर से आगे निकल चुके हैं। अब तक लोगों को बंदूक के बल पर डराकर रखा गया था, लेकिन अब उन्होंने अपनी जान का डर छोड़ दिया है और सड़कों पर उतर आए हैं।’’

भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इन्होंने देश को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।’’

ठाकरे ने कहा कि युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहना उनका अपमान है।

ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए सवाल भी उठाया कि इन प्रदर्शनों से संघ दूर क्यों रहा।

ठाकरे ने उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अभय ओका पर लगाए गए कथित चंदा चोरी के आरोपों की जांच की मांग की। उन्होंने सवाल किया, ‘‘हमें इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की सलाह देने वाली भाजपा कौन होती है?’’

भाषा आशीष प्रशांत

प्रशांत