ठाणे में पानी की किल्लत, कूड़ाघरों की कमी और अन्य समस्याएं आज भी जस की तस: सुले

ठाणे में पानी की किल्लत, कूड़ाघरों की कमी और अन्य समस्याएं आज भी जस की तस: सुले

ठाणे में पानी की किल्लत, कूड़ाघरों की कमी और अन्य समस्याएं आज भी जस की तस: सुले
Modified Date: January 11, 2026 / 01:45 pm IST
Published Date: January 11, 2026 1:45 pm IST

ठाणे, 11 जनवरी (भाषा) राकांपा (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले ने राज्य में सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भले ही ठाणे को एक “सभ्य” शहर के रूप में पेश किया जा रहा हो, लेकिन पानी की किल्लत, कूड़ाघरों की कमी और अन्य समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।

नगर निकाय चुनावों से पहले शनिवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उबाठा) के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सुले ने ठाणे के विकास के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि मंजूर किए जाने के सरकारी दावों पर सवाल उठाए।

इस मौके पर राकांपा (एसपी) के विधायक जितेंद्र आव्हाड, पार्टी की ठाणे शहर इकाई के अध्यक्ष मनोज प्रधान, अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक मौजूद थे।

 ⁠

सुले ने कहा कि ठाणे कभी एक छोटा शहर था, लेकिन राज्य और देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां बेहतर जीवन और विकास की उम्मीद लेकर आए, मगर आज उनकी उम्मीदें निराशा में बदल गई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि ठाणे को “सभ्य” शहर बताया जाता है, लेकिन पानी, कूड़ाघरों की कमी, तथा शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं अब भी हल नहीं हो पाई हैं।

भाषा जोहेब वैभव

वैभव


लेखक के बारे में