मुंबई, 25 अप्रैल (भाषा) अटल सेतु समुद्री पुल से छलांग लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले एक व्यक्ति की पत्नी ने मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। महिला का आरोप है कि तीन नगर निकायों ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए उनके पति का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार कर दिया है।
याचिकाकर्ता सुनैना करतुरी ने दावा किया कि उरण, नवी मुंबई और पनवेल महानगरपालिकाओं ने उनसे कहा कि यह मृत्यु उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं हुई है।
उनके पति श्रीनिवास करतुरी 23 जुलाई, 2024 को ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित अपने आवास से कार लेकर निकले थे। अगले दिन उनकी कार अटल सेतु पर लावारिस हालत में मिली थी और सीसीटीवी फुटेज में उन्हें पुल से छलांग लगाते हुए देखा गया था।
महिला ने मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए सबसे पहले उरण महानगरपालिका से संपर्क किया, लेकिन निकाय ने कहा कि जहां मृत्यु हुई, वह उसके क्षेत्राधिकार में नहीं आता। नवी मुंबई और पनवेल महानगरपालिकाओं से भी उन्हें यही जवाब मिला।
‘अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु’ देश का सबसे लंबा समुद्री पुल (21.8 किलोमीटर) है, जो मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ता है।
महिला की याचिका में कहा गया है कि मृत्यु प्रमाणपत्र न होने के कारण उन्हें ‘अत्यधिक कठिनाई और मानसिक कष्ट’ का सामना करना पड़ रहा है।
याचिका में कहा गया, ‘अधिकारियों की ओर से की गई यह निष्क्रियता और लापरवाही अनुचित, मनमानी और याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।’ इसमें कहा गया कि याचिकाकर्ता गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है और पूरी तरह से अपनी वृद्ध मां और परिवार के सदस्यों पर निर्भर होने को मजबूर है।
याचिका में कहा गया, ‘पति का मृत्यु प्रमाणपत्र देने से लगातार इनकार किए जाने से याचिकाकर्ता की वित्तीय स्वतंत्रता और गरिमा छिन गई है।’
न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा अगले सप्ताह इस याचिका पर सुनवाई किए जाने की संभावना है।
भाषा सुमित माधव
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