मुंबई, 16 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य नसीम खान ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग (ईसी) “राजनीतिक दल के कार्यकर्ता” की तरह काम कर रहा है और चेतावनी दी कि यदि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का सत्यापन न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं किया गया तो वह उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न राज्यों में कई राजनीतिक दलों ने चुनावों में कथित अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई है, लेकिन निर्वाचन आयोग संतोषजनक जवाब देने में विफल रहा है।
वर्ष 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए खान ने कहा कि उन्होंने मुंबई के चांदीवली विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम में कथित अनियमितताओं को लेकर मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जहां से वह कांग्रेस उम्मीदवार थे।
पूर्व विधायक ने बताया कि अदालत ने मशीनों की जांच का निर्देश दिया था और उपनगरीय मुंबई के बोरीवली में 16 और 17 अप्रैल को कुछ ईवीएम की जांच की जा रही है।
खान ने आरोप लगाया कि मतदान आंकड़ों के साथ ईवीएम सत्यापन करने के अदालत के आदेश के बावजूद निर्वाचन आयोग न्यायिक दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्रवाई से बच रहा है।
खान ने 2024 में चांदीवली से चुनाव हार गए थे।
उन्होंने दावा किया कि ईवीएम से संबंधित आयोग की मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुरूप नहीं हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, “कंट्रोल यूनिट (सीयू), बैलेट यूनिट (बीयू) और वीवीपैट को केवल जोड़ा गया और उसका प्रदर्शन किया गया, जिसका हम विरोध करते हैं।”
उन्होंने कहा कि आयोग को उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप ईवीएम सत्यापन करने की मांग करते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा गया है।
सत्यापन प्रक्रिया में ईवीएम और वीवीपैट (वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) की गणना का मिलान किया जाता है। वीवीपैट एक स्वतंत्र वोट सत्यापन प्रणाली है, जो मतदाताओं को यह देखने की सुविधा देती है कि उनका वोट सही तरीके से दर्ज हुआ है या नहीं।
भाषा राखी प्रशांत
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