खरीद-फरोख्त, एआईएमआईएम व वीबीए की मदद से भाजपा ने चंद्रपुर में बनाया अपना महापौर: कांग्रेस

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खरीद-फरोख्त, एआईएमआईएम व वीबीए की मदद से भाजपा ने चंद्रपुर में बनाया अपना महापौर: कांग्रेस

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 05:40 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 05:40 PM IST

मुंबई, 10 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के चंद्रपुर नगर निकाय में प्रतिद्वंद्वी शिवसेना (उबाठा) के समर्थन से भाजपा का महापौर के चुने जाने के बाद कांग्रेस ने पार्षदों की खरीद-फरोख्त का मंगलवार को आरोप लगाया और इस घटनाक्रम के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी, एआईएमआईएम और वंचित बहुजन आघाडी को जिम्मेदार ठहराया।

महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में उस समय सब स्तब्ध रह गए जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शिवसेना (उबाठा) पार्षदों का समर्थन हासिल करके कांग्रेस को मात दे दी। कांग्रेस अपना महापौर नियुक्त करने की बेहतर स्थिति में दिख रही थी।

भाजपा पार्षद संगीता खांडेकर महापौर चुनी गईं। शिवसेना (उबाठा) के पार्षद प्रशांत दानव को उप महापौर चुना गया।

कांग्रेस नेता ने पत्रकारों से कहा कि चंद्रपुर महापौर चुनाव में भाजपा को 32 वोट और कांग्रेस को 31 वोट मिले। शिवसेना (उबाठा) एमवीए (महा विकास आघाडी) और विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन की सहयोगी है। उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि शिवसेना (उबाठा) अपने छह पार्षदों के साथ कांग्रेस को समर्थन देगी लेकिन पार्टी ने भाजपा का साथ देना चुना। उनके मुताबिक, इस घटनाक्रम का राज्य पर असर पड़ेगा।

पंद्रह जनवरी को हुए चुनावों में खंडित जनादेश के बाद चंद्रपुर नगर निकाय में गठबंधन को लेकर सोमवार तक कोई स्पष्टता नहीं थी।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा की खांडेकर ने शिवसेना (उबाठा) के समर्थन से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को एक वोट से हराकर महापौर का पद हासिल किया।

भाजपा के महापौर चुनाव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के समर्थन के कारण भाजपा को बढ़त मिली, जबकि प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) मतदान के दौरान अनुपस्थित रही।

सपकाल ने कहा, ‘वंचित बहुजन आघाडी के साथ हमने नगर निकाय चुनावों में वास्तविक गठबंधन किया और अगर उसने कांग्रेस का समर्थन किया होता तो हमारा उम्मीदवार जीत जाता। पार्षदों की खरीद-फरोख्त हुई थी।’

चंद्रपुर कांग्रेस में गुटबाजी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पार्टी के पार्षद एकजुट हैं और उन्होंने चंद्रपुर में कांग्रेस नेताओं के बीच मतभेदों को सुलझा लिया है।

उन्होंने कहा, ‘शिवसेना (उबाठा), एआईएमआईएम और वीबीए की वजह से ही भाजपा अपना महापौर नियुक्त कर सकी।’

यहां 66 सदस्यीय नगर निकाय में कांग्रेस 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी जबकि भाजपा 23 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही जिससे दोनों पार्टियों के बीच प्रतिष्ठित महापौर और उप महापौर पदों को पाने की होड़ मच गई।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) ने छह सीटें जीतीं, भारतीय शेतकरी कामगार पक्ष (जनविकास सेना) को तीन, वीबीए को दो और एआईएमआईएम, बसपा और शिवसेना को एक-एक सीट मिली। दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी चुनाव जीता।

भाषा नोमान नरेश

नरेश