महिला आरक्षण अधिनियम लोकतंत्र में ‘स्वर्णिम अध्याय’ की शुरुआत करेगा : शिवसेना
महिला आरक्षण अधिनियम लोकतंत्र में ‘स्वर्णिम अध्याय’ की शुरुआत करेगा : शिवसेना
मुंबई, 14 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना ने मंगलवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन करते हुए इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया।
पार्टी ने कहा कि यह अधिनियम संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त करेगा और भारतीय लोकतंत्र में एक ‘स्वर्णिम अध्याय’ की शुरुआत करेगा।
शिवसेना का समर्थन महिला आरक्षण अधिनियम के नाम से जाने जाने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पारित करने के लिए संसद के बजट सत्र के तीन दिवसीय विस्तारित बैठक से पहले आया है।
शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में कहा कि यह पहल महज एक विधायी सुधार नहीं है, बल्कि शासन और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है।
उन्होंने कहा कि यह कदम न्याय, समानता और महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रधानमंत्री मोदी की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे समावेशी लोकतंत्र की नींव और मजबूत होती है।
उप मुख्यमंत्री ने लिखा, ‘‘यह ऐतिहासिक कदम विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण के प्रभावी कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त करेगा, जो भारतीय लोकतंत्र की यात्रा में एक स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत करेगा।’’
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन परिवर्तन की शृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
शिंदे ने पत्र में कहा, ‘‘राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग)के एक प्रतिबद्ध सदस्य के रूप में, मैं इस सुधार को अपना पूर्ण और अटूट समर्थन देता हूं। हम एक मजबूत, समावेशी और विकसित भारत के आपके दृष्टिकोण के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं।’’
इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन पारित होने पर लोकसभा में कुल सीट की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
भाषा धीरज माधव
माधव

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