(फाइल फोटो के साथ)
ठाणे, 27 सितंबर (भाषा) गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने युवा शोधकर्ताओं से अंधविश्वास को दूर करने और भौतिकी, गणित, खगोल विज्ञान तथा आयुर्वेद जैसे विषयों का तार्किक दृष्टिकोण से अध्ययन करने पर रविवार को जोर दिया। उन्होंने कहा कि टिकाऊ विकास के लिए तकनीकी प्रगति के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने महाराष्ट्र के ठाणे जिले में विज्ञान दर्शन अनुसंधान संगठन (वीडीआरओ) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “वैदिक भारत युवा विचारक संवाद 2026” में ‘प्रोजेक्ट विज्ञान दर्शन’ की शुरुआत करने के बाद यह बात कही।
देवव्रत ने वैदिक विज्ञान की प्रासंगिकता पर जोर दिया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने युवा शोधकर्ताओं से अंधविश्वास को दूर करने, भौतिकी, गणित, खगोल विज्ञान और आयुर्वेद जैसे विषयों का तार्किक दृष्टिकोण से अध्ययन करने तथा वास्तविक टिकाऊ विकास के लिए तकनीकी प्रगति को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ने का आग्रह किया।
गुजरात के राज्यपाल ने कहा, ‘‘प्राचीन काल से ही भारत विज्ञान और ज्ञान की भूमि रहा है। हमारे वेद, उपनिषद और प्राचीन ऋषियों के शोध उस दौर में विकसित उच्च स्तर के विज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं। ‘प्रोजेक्ट विज्ञान दर्शन’ इस समृद्ध विरासत को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने वाला एक क्रांतिकारी कदम है।’’
भाषा आशीष नरेश
नरेश