वाईएसआरसीपी का आरोप – ‘मुफ्त रेत’ नीति से सत्तारूढ़ पार्टी के नेता अवैध खनन कर रहे

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वाईएसआरसीपी का आरोप - 'मुफ्त रेत' नीति से सत्तारूढ़ पार्टी के नेता अवैध खनन कर रहे

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  • Publish Date - January 27, 2026 / 05:23 PM IST,
    Updated On - January 27, 2026 / 05:23 PM IST

अमरावती, 27 जनवरी (भाषा) युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के वरिष्ठ नेता के. गोवर्धन रेड्डी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश की ‘मुफ्त रेत नीति’ की वजह से सत्तारूढ़ दल के नेता बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर रहे हैं जिससे राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की लूट हो रही है।

रेड्डी ने दावा किया इसे ‘मुफ्त रेत’ पहल के रूप में पेश किया गया था, लेकिन सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से पांच गुना से अधिक कीमत पर रेत बेची जा रही है।

रेड्डी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया, ‘गठबंधन सरकार की बहुचर्चित ‘मुफ्त रेत’ नीति पूरी तरह से धोखा है। यह सत्ताधारी दल के नेताओं द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन और प्राकृतिक संसाधनों की संगठित लूट का बहाना बन गई है।’

उनके अनुसार, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायक कथित तौर पर प्रत्येक रेतीले क्षेत्र से प्रति माह तीन करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि ये गतिविधियां स्थापित नियमों, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों और पर्यावरण सुरक्षा उपायों का उल्लंघन करते हुए की जा रही हैं।

रेड्डी ने दावा किया कि वाईएसआरसीपी की पूर्व सरकार ने विनियमित रेत निविदाओं से सरकारी खजाने के लिए सालाना लगभग 700 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था, जो 2019 से 2024 के बीच लगभग 3,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा गठबंधन सरकार के तहत, ‘मुफ्त रेत’ के नाम पर राजनीतिक नेटवर्क द्वारा पूरे राजस्व को हड़प जा रहा है।

सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

भाषा

नोमान मनीषा

मनीषा