अमरावती, 17 मार्च (भाषा) आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने मंगलवार को कहा कि सात आईटीडीए क्षेत्रों में आदिवासी गर्भवती महिलाओं के लिए 35 नए प्रसव प्रतीक्षा गृह बनाए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि इन केंद्रों का उद्देश्य प्रसव से कम से कम एक सप्ताह पहले गर्भवती महिलाओं को ठहराने और देखभाल उपलब्ध कराकर दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना है।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में मंत्री ने कहा, “राज्य के सात आईटीडीए (एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी) क्षेत्रों में आदिवासी गर्भवती महिलाओं के लिए 35 नए प्रसव प्रतीक्षा गृह स्थापित किए जा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले ही इन केंद्रों पर लाया जाएगा, ताकि प्रसव के समय परिवहन और स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों से बचा जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि 12 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्माण कार्य किया जा रहा है। इनमें पडेरू आईटीडीए में 15 इकाइयां तथा रामपचोडावरम, पार्वतीपुरम, चिंतुरु, श्रीशैलम और कोटा रामचंद्रपुरम में चार-चार इकाइयां बनाई जा रही हैं।
इन 35 केंद्रों में से 22 के मई या जून तक, दो के जुलाई तक और शेष के इस वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
भाषा खारी धीरज
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