Navratri Ka Chautha Din Maa Kushmanda: नवरात्रि का चौथा दिन चमत्कारी, मां कुष्मांडा को प्रसन्न करने के लिए करें ये खास उपाय, हर मनोकामना होगी पूरी!

Navratri Ka Chautha Din Maa Kushmanda:चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कुष्मांडा का स्वरूप अत्यंत दिव्य और आलौकिक है।

Navratri Ka Chautha Din Maa Kushmanda: नवरात्रि का चौथा दिन चमत्कारी, मां कुष्मांडा को प्रसन्न करने के लिए करें ये खास उपाय, हर मनोकामना होगी पूरी!

maa kushmanda/ image source: rudralife

Modified Date: March 22, 2026 / 07:12 am IST
Published Date: March 22, 2026 7:12 am IST
HIGHLIGHTS
  • नवरात्रि चौथा दिन, मां कुष्मांडा पूजा
  • मां की मुस्कान से सृष्टि रचना
  • आठ भुजाओं वाली दिव्य स्वरूप

Navratri Ka Chautha Din Maa Kushmanda:चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कुष्मांडा का स्वरूप अत्यंत दिव्य और आलौकिक है। देवी भागवत पुराण में भी उनके स्वरूप का विस्तार से वर्णन मिलता है। कहा जाता है कि मां ने अपनी मंद मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी, इसलिए उन्हें सृष्टि की आदि शक्ति भी माना जाता है। उनकी कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

Navratri Day 4: मां कुष्मांडा पूजा का विशेष महत्व

मां कुष्मांडा का स्वरूप शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। वे सिंह (शेर) पर सवार रहती हैं और उनकी आठ भुजाएं होती हैं, जिनमें विभिन्न अस्त्र-शस्त्र और कलश, कमल, चक्र तथा कमंडल सुशोभित होते हैं। मान्यता है कि सृष्टि के प्रारंभ में जब चारों ओर अंधकार था, तब मां ने अपनी दिव्य मुस्कान से उस अंधकार को समाप्त कर प्रकाश फैलाया। उनके भीतर सूर्य जैसी तेज और ऊर्जा को सहन करने की क्षमता होती है। इसलिए उनकी पूजा करने से व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक शक्ति प्राप्त होती है।

Chaitra Navratri Day 4: पीले भोग से होती हैं प्रसन्न

मां कुष्मांडा की पूजा विधि बेहद सरल और प्रभावशाली मानी जाती है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद घर के मंदिर को गंगाजल से पवित्र करें और एक चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर मां की प्रतिमा स्थापित करें। फिर विधि-विधान से मां को फूल, फल, मिठाई, धूप-दीप अर्पित करें। पूजा के दौरान मां के मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती कर उन्हें भोग लगाएं। साथ ही, नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करना भी अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।

Maa Kushmanda Puja Vidhi: पूजा से मिलती ऊर्जा और सफलता

भोग के रूप में मां कुष्मांडा को पीले रंग की मिठाइयां विशेष रूप से प्रिय मानी जाती हैं। आप उन्हें केसर युक्त पेठा, बताशे या मालपुए का भोग लगा सकते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा के साथ की गई पूजा से मां प्रसन्न होती हैं और भक्तों के जीवन से कष्ट दूर कर सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं। इस दिन मां की उपासना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और हर कार्य में सफलता मिलने के योग बनते हैं।

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।