महिलाओं से मारपीट : उप जिलाधिकारी समेत 10 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आरोप
महिलाओं से मारपीट : उप जिलाधिकारी समेत 10 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आरोप
पीलीभीत (उप्र), एक अक्टूबर (भाषा) पीलीभीत की एक विशेष अदालत ने आवासीय क्षेत्र में संचालित शराब की दुकानों का विरोध कर रही महिलाओं से कथित मारपीट और अभद्रता के मामले में तत्कालीन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) समेत 10 अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम से संबंधित मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश राम किशोर (चतुर्थ) ने माधोटांडा थाने के प्रभारी को आदेश की प्रति मिलने के 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज करने और उसकी प्रति अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है।
पूरनपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी विधि भूषण ने बृहस्पतिवार शाम 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि उन्हें अभी अदालत के आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, ''माधोटांडा थाने में अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। आदेश मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।''
भूषण ने बताया कि मामला माधोटांडा थाना क्षेत्र के बूंदीभूड़ गांव का है, जहां ग्रामीण खटीमा-उत्तराखंड मार्ग पर आबादी के बीच संचालित शराब की दो दुकानों का कथित तौर पर विरोध कर रहे थे।
गांव की निवासी शीतल ने अधिवक्ता सुधीर तिवारी के माध्यम से अदालत में दायर याचिका में कहा कि शराब की दुकानों के सामने से छात्राएं गुजरती हैं और इन दुकानों पर मौजूद लोग उन पर अक्सर फब्तियां कसते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पास में एक मंदिर है, इसलिए ग्रामीण लंबे समय से इन दुकानों को हटाने की मांग कर रहे थे।
शिकायत के अनुसार, सात मई 2026 को तड़के करीब दो बजे आबकारी निरीक्षक दीपक कुमार, कालानगर के तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, सीओ, थाना प्रभारी तथा राजस्व, आबकारी और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी शराब की दुकान पर पहुंचे।
आरोप है कि वहां विरोध करने पहुंचीं शीतल, सुधा देवी, सुदामी देवी, सत्यदेवी, फूलमती, गुड्डी देवी और ममता समेत अन्य महिलाओं के साथ मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने कथित तौर पर मारपीट और अभद्रता की।
शीतल ने आरोप लगाया कि उसकी सास रामश्री को डंडे से पीटा गया, जबकि उसे अपशब्द कहे गए, धक्का देकर सड़क पर गिराया गया और उसके साथ मारपीट की गई।
शिकायत में कहा गया कि महिलाओं ने माधोटांडा थाने में शिकायत की, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। शीतल ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने अदालत का रुख किया।
अदालत ने आवेदन और दस्तावेजों का अवलोकन करने तथा दलीलें सुनने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच के निर्देश दिए।
अधिवक्ता सुधीर तिवारी के अनुसार, अदालत के आदेश में कालानगर के तत्कालीन एसडीएम प्रमेश कुमार, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, आबकारी निरीक्षक दीपक कुमार, नायब तहसीलदार अक्षय कुमार, एक राजस्व निरीक्षक और पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं।
तिवारी ने कहा कि अदालत ने 25 सितंबर को आदेश दिया था और 27 सितंबर को अनुपालन के लिए आदेश भेजा गया, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।
भाषा सं. सलीम सिम्मी
सिम्मी
लेखक के बारे में
Web Title: महिलाओं से मारपीट : उप जिलाधिकारी समेत 10 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आरोप
PILIBHIT
और भी पढ़ें ›
Vande Bharat: UP का रण.. किसके ब्राह्मण? MLC चुनाव में 11 में 5 ब्राह्मण चेहरे, क्या ये 2027 से पहले सोशल इंजीनियरिंग की बड़ी तैयारी है?
01 Oct 2026 | 11:57 pmयूपी रेरा ने 11 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी मंजूरी
01 Oct 2026 | 11:36 pmहिरासत में लिए जाने के समय से शुरू होती है मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की समय-सीमा : अदालत
01 Oct 2026 | 11:29 pmगाजियाबाद : इंदिरापुरम के गोदाम में भीषण आग, कोई हताहत नहीं
01 Oct 2026 | 11:11 pmएएमयू में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी
01 Oct 2026 | 10:22 pmगाजीपुर में हथियार तस्करी के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार, 19 तमंचे बरामद
01 Oct 2026 | 10:06 pmसोनभद्र में डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य का गांजा बरामद, दो युवक गिरफ्तार
01 Oct 2026 | 9:54 pmराज्यसभा चुनाव : तीसरे उम्मीदवार पर अखिलेश ने नहीं खोले पत्ते, भाजपा में नामों पर मंथन
01 Oct 2026 | 9:32 pm