Aaj Ka Panchang 18 March 2026: चतुर्दशी से अमावस्या तक का दिन बदल सकता है आपकी पूरी किस्मत, जानिए कौन सा समय है बेहद शुभ
Aaj Ka Panchang 18 March 2026: आज बुधवार, 18 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण चतुर्दशी तिथि प्रातः 08:25 बजे तक रहेगी, जिसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी। इस समय चंद्रमा कुंभ राशि और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में स्थित हैं।
today panchang/ image source: IBC24
- आज चतुर्दशी तिथि प्रातः 08:25 बजे तक।
- चंद्रमा कुंभ राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र।
- शुभ योग मन में नई आशाएँ लाएगा।
Aaj Ka Panchang 18 March 2026: आज बुधवार, 18 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण चतुर्दशी तिथि प्रातः 08:25 बजे तक रहेगी, जिसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी। इस समय चंद्रमा कुंभ राशि और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में स्थित हैं। नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति देव हैं, जिनके प्रभाव से आज आपके व्यक्तित्व में ईमानदारी, विनम्रता और संतुलित व्यवहार बना रहेगा। ऐसे गुण आज के दिन जीवन के सही संचालन और संबंधों में सुधार लाने में मदद करेंगे।
Aaj Ka Panchang: शुभ-अमृत और अशुभ समय
आज के दिन छोटे-मोटे गुस्से या जलन की भावनाएं भी आ सकती हैं। ऐसे समय में ध्यान रखें कि यह नकारात्मकता नहीं, बल्कि सुधार के संकेत हैं। अपने व्यवहार में संयम और सहजता बनाए रखें, जिससे निर्णय और कार्यों में संतुलन बना रहेगा।
आज अभिजीत मुहूर्त नहीं है, इसलिए किसी विशेष कार्य या शुभ आयोजन के लिए अमृत काल का लाभ उठाना उचित रहेगा। आज का अमृत काल रात्रि 09:37 बजे से रात्रि 11:10 बजे तक है। इसके अलावा, दिन में राहुकाल के समय – दोपहर 12:29 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक – सावधानी बरतना लाभकारी रहेगा। अन्य अशुभ समयों में गुलिकाल प्रातः 10:59 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक और यमगंड प्रातः 07:58 बजे से प्रातः 09:28 बजे तक है।
Panchang 18 March 2026: सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्य देव मीन राशि में स्थित हैं, जबकि चंद्रमा कुंभ राशि में हैं। आज चंद्रमा रात 11:36 बजे तक कुंभ राशि में रहेंगे। सूर्य का उदय प्रातः 06:28 बजे और सूर्यास्त सायं 06:31 बजे होगा। चंद्रमा आज चंद्रोदय नहीं होंगे, और चंद्रास्त सायं 05:52 बजे होगा।
Panchang Today: नक्षत्र विवरण
आज चंद्रमा पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में विराजमान रहेंगे, जो 19 मार्च प्रातः 05:21 बजे तक रहेगा। नक्षत्र का क्षेत्र 20° कुंभ राशि से 3°20’ मीन राशि तक फैला है। इस नक्षत्र के देवता अज एकपाद हैं, जिनका संबंध अग्नि के रुद्र रूप से है। प्रतीक शवपेटिका या अर्थी है, जो मृत्यु के पश्चात उपयोग में आती है।
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र वाले दिन लोग सामान्यत: आशावादी, ईमानदार, विश्वसनीय, संगीत और कला प्रेमी, विनम्र और उदार होते हैं। इसके साथ ही, कभी-कभी संवेदनशीलता, क्रोध, ईर्ष्या या लालच जैसी भावनाएं भी उभर सकती हैं।

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