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Aaj Ka Panchang 21 April 2026: 21 अप्रैल 2026 का दिन वैदिक पंचांग के अनुसार बेहद खास और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज वैशाख शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पूरे दिन प्रभावी रहेगी, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल मानी जाती है। इसी दिन जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की जयंती और महान भक्त कवि सूरदास की जयंती भी मनाई जा रही है, जिससे दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। पंचांग के अनुसार आज रवि योग और विडाल योग का संयोग बन रहा है, जो कई शुभ कार्यों के लिए लाभकारी संकेत देता है।
आज के ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्रमा सुबह से दोपहर 1 बजे तक वृष राशि में रहेंगे और इसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। नक्षत्र की बात करें तो मृगशिरा नक्षत्र रात 11:58 बजे तक रहेगा, जिसके बाद आर्द्रा नक्षत्र आरंभ हो जाएगा। इन ग्रह स्थितियों का प्रभाव व्यक्ति के मन, व्यवहार और निर्णयों पर पड़ सकता है। वहीं सूर्य इस समय मेष राशि में स्थित हैं, जो ऊर्जा और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला माना जाता है।
आज के दिन शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:16 बजे से 5:04 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है।
इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:53 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा, जिसमें नए कार्यों की शुरुआत की जा सकती है। अमृत काल दोपहर 3:57 बजे से 5:24 बजे तक रहेगा, जो विशेष रूप से शुभ फल देने वाला माना जाता है। वहीं गोधूलि काल भी संध्या के समय शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त रहेगा।
हालांकि दिन में कुछ अशुभ समय भी रहेंगे, जिनका विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। राहुकाल दोपहर 3:32 बजे से 5:09 बजे तक रहेगा, जिसमें किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। यमगण्ड काल सुबह 9:06 बजे से 10:43 बजे तक और कुलिक काल दोपहर 12:19 बजे से 1:56 बजे तक रहेगा। इसके अलावा दुर्मुहूर्त और वर्ज्यम् काल भी दिन में कुछ समय के लिए प्रभावी रहेंगे, जिन्हें टालना ही बेहतर माना जाता है।
पंचांग के अनुसार आज शोभन योग दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है, इसके बाद अतिगण्ड योग शुरू होगा। करणों में बव और बालव करण का प्रभाव रहेगा, जो दिन के अलग-अलग समय में कार्यों की सफलता को प्रभावित कर सकते हैं। आज का वार मंगलवार है, जो हनुमान जी की पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है।
कुल मिलाकर 21 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक आस्था, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए संतुलित माना जा रहा है। सही मुहूर्त का ध्यान रखते हुए किए गए कार्य सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं। यह पंचांग ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है, इसलिए इसे आस्था और विश्वास के साथ देखा जाना चाहिए।