Chandra Grahan 2026 Sutak kaal: अद्भुत खगोलीय नजारा! क्या है साल के पहले चंद्र ग्रहण के सूतक काल का समय? जानिए कैसे प्रभावित होगा आपका दिन

Chandra Grahan 2026 Sutak kaal: चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले भारत में सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान धार्मिक और मांगलिक काम वर्जित माने जाते हैं। इस साल के पहले चंद्र ग्रहण का समय और सूतक काल जानना जरूरी है, ताकि लोग ग्रहण के दौरान उचित सावधानी और पूजा-पाठ कर सकें।

Chandra Grahan 2026 Sutak kaal: अद्भुत खगोलीय नजारा! क्या है साल के पहले चंद्र ग्रहण के सूतक काल का समय? जानिए कैसे प्रभावित होगा आपका दिन

(Chandra Grahan 2026 Sutak kaal/ Image Credit: Pexels)

Modified Date: March 1, 2026 / 04:43 pm IST
Published Date: March 1, 2026 4:28 pm IST
HIGHLIGHTS
  • साल का पहला चंद्र ग्रहण 03 मार्च 2026 को होगा।
  • चंद्र ग्रहण की अवधि 03 घंटे 27 मिनट की होगी।
  • भारत में सूतक काल सुबह 06:20 बजे शुरू होगा।

नई दिल्ली: Chandra Grahan 2026 Sutak kaal in India साल का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने जा रहा है। इसी दिन होली का पर्व, यानी होलिका दहन भी मनाया जाएगा। इस चंद्र ग्रहण की अवधि 03 घंटे 27 मिनट की होगी और यह सिंह राशि व पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण दिखाई देगा और इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा, जिससे इस ग्रहण का महत्व और बढ़ जाता है।

चंद्र ग्रहण का समय

यह साल का पहला खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा। भारतीय समयानुसार, यह ग्रहण 03 मार्च को दोपहर 03:20 बजे शुरू होगा और शाम 06:46 बजे समाप्त होगा। पूरे ग्रहण की अवधि में चंद्रमा आंशिक रूप से छाया में रहेगा।

सूतक काल का समय

चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले भारत में सूतक काल शुरू हो जाता है। इस साल का सूतक काल 03 मार्च की सुबह 06:20 बजे से शुरू होगा। चंद्र ग्रहण समाप्त होने के साथ ही 06:46 बजे सूतक काल भी समाप्त हो जाएगा। इस समय के दौरान सभी धार्मिक और मांगलिक काम वर्जित माने जाते हैं।

सूतक काल में वर्जित काम

सूतक काल के दौरान पूजा, हवन, यज्ञ और नए काम की शुरुआत नहीं की जाती। मंदिरों के कपाट भी बंद रहेंगे ताकि भगवान की प्रतिमाओं को कोई छू न सके। इस समय खाना बनाना या भोजन करना भी मना होता है। यह काल ग्रहण के दौरान होने वाले अशुभ प्रभावों से बचाव के लिए माना जाता है।

चंद्र ग्रहण कहां दिखाई देगा?

ज्योतिषियों के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देगा। केवल देश के पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी किनारे तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ क्षेत्रों में ग्रहण पूरी तरह नजर नहीं आएगा। बाकी जगहों पर चंद्र ग्रहण चंद्रोदय के समय स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।