(Ganesh Chaturthi 2026/ Image Credit: AI-generated)
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा देखने से जुड़ी धार्मिक मान्यता के कारण सोमवार शाम कई लोगों ने आसमान की ओर देखने से परहेज किया। अब 15 सितंबर 2026 को सबसे बड़ा सवाल है कि क्या आज चांद देखा जा सकता है? पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी 14 सितंबर सुबह करीब 7:07 बजे शुरू हुई और 15 सितंबर की सुबह 7:44 बजे समाप्त हो गई। इसके बाद पंचमी तिथि लग चुकी है। इसलिए आज शाम दिखाई देने वाला चंद्रमा चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2026) का नहीं बल्कि पंचमी तिथि का होगा और धार्मिक मान्यता के अनुसार आज चंद्र दर्शन किया जा सकता है।
गणेश चतुर्थी और गणेशोत्सव को एक ही समझना सही नहीं है। चतुर्थी वह विशेष तिथि है, जिस दिन भगवान गणेश की स्थापना की जाती है, जबकि गणेशोत्सव 11 दिनों तक चलता है। घरों और पंडालों में विराजमान गणपति का विसर्जन परंपरा के अनुसार अलग-अलग दिनों में किया जाता है। कई लोग डेढ़, तीन, पांच, सात या दस दिन बाद विसर्जन करते हैं। मुख्य विसर्जन अनंत चतुर्दशी यानी 25 सितंबर को होगा। लेकिन गणपति के घर में विराजमान रहने तक चांद देखने पर रोक नहीं होती। चंद्र दर्शन (Ganesh Chaturthi 2026) से जुड़ी मान्यता खास तौर पर भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से है।
धार्मिक कथा के अनुसार चंद्रदेव ने भगवान गणेश के स्वरूप को देखकर उनका उपहास किया था। इससे नाराज होकर गणेशजी ने उन्हें शाप दिया कि चतुर्थी के दिन चंद्रमा देखने वाले व्यक्ति पर झूठा आरोप या कलंक का सामना करना पड़ेगा। बाद में चंद्रदेव के क्षमा मांगने पर शाप को चतुर्थी तिथि तक सीमित कर दिया गया। इसी वजह से इस दिन को कलंक चतुर्थी भी कहा जाता है। श्रीकृष्ण और स्यमंतक मणि से जुड़ी कथा भी इसी मान्यता से जुड़ी है। कथा में श्रीकृष्ण पर मणि चुराने का झूठा आरोप लगा था, परंतु बाद में उन्होंने सत्य सामने लाकर स्वयं को निर्दोष साबित किया था।
अगर किसी व्यक्ति ने 14 सितंबर को अनजाने में चंद्रमा (Ganesh Chaturthi 2026) देख लिया हो तो घबराने की जरूरत नहीं है। धार्मिक परंपरा में भगवान गणेश का स्मरण करने, गणेश चतुर्थी की कथा या स्यमंतक मणि का प्रसंग पढ़ने और गणेश मंत्र का जाप करने की बात कही गई है। इसे धार्मिक उपाय माना जाता है, किसी अनिष्ट की निश्चित भविष्यवाणी नहीं। 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे चतुर्थी समाप्त होने के साथ उससे जुड़ी चंद्र दर्शन की मनाही भी समाप्त हो गई। इसलिए आज शाम चंद्रमा देखा जा सकता है।