NSE IPO Latest News: आखिर NSE IPO सस्ता है तो कितना सस्ता? BSE के मुकाबले कौन दिख रहा है बेहतर, जानिए पूरा गणित

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NSE IPO Latest News: बाजार में फिलहाल कमजोर माहौल को देखते हुए NSE ने अपने IPO का प्राइस बैंड अनलिस्टेड मार्केट में चल रही कीमतों से कम रखा है। इसका मकसद IPO को निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बनाना है। कम कीमत से निवेशकों की रूचि बढ़ने और अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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  • Publish Date - September 15, 2026 / 02:16 PM IST,
    Updated On - September 15, 2026 / 02:26 PM IST

(NSE IPO Latest News/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • NSE IPO का प्राइस बैंड ₹1,700-₹1,785
  • अनलिस्टेड मार्केट से करीब 10% कम कीमत
  • BSE के मुकाबले P/E करीब 23% कम

नई दिल्ली: NSE IPO Latest News: एनएसई का बहुप्रतीक्षित IPO 16 सितंबर को एंकर निवेशकों (NSE IPO Latest News) के लिए खुलेगा। जबकि रिटेल निवेशक 17 सितंबर से इसमें बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने प्रति शेयर 1,700 रुपये से 1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह कीमत अनलिस्टेड मार्केट में चल रही कीमत से करीब 10% कम बताई जा रही है। ऐसे में निवेशकों के बीच सवाल है कि क्या NSE IPO वास्तव में आकर्षक वैल्यूएशन पर आ रहा है।

IPO का आकार भी किया गया कम

NSE ने पहले करीब 30,000 करोड़ रुपये का IPO लाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब इसका आकार घटाकर लगभग 22,560 करोड़ रुपये कर दिया गया है। बाजार में मौजूदा उतार-चढ़ाव और निवेशकों की रुचि बनाए रखने के लिए यह बदलाव किया गया है। IPO का पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसका मतलब है कि IPO से जुटाया गया पैसा सीधे कंपनी के पास नहीं जाएगा, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे।

BSE के मुकाबले कितना सस्ता है NSE?

वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों के आधार पर NSE का प्राइस-टू-अर्निंग यानी P/E मल्टीपल करीब 43 है, जबकि BSE का करीब 56 है। इस आधार पर NSE का वैल्यूएशन BSE से लगभग 23% कम नजर आता है। लेकिन मुनाफे (NSE IPO Latest News) की ग्रोथ देखें तो तस्वीर अलग है। जून तिमाही में NSE का प्रॉफिट सालाना आधार पर 11% बढ़ा, जबकि BSE का मुनाफा करीब 65% बढ़ा।

NSE की मजबूती और चुनौतियां

कैश और डेरिवेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम में NSE अब भी मजबूत स्थिति में है। लेकिन भविष्य की कमाई को लेकर कुछ चुनौतियां भी हैं। BSE के पास अलग-अलग सेगमेंट में शुल्क बढ़ाकर कमाई बढ़ाने की गुंजाइश है। वहीं, फ्यूचर्स कारोबार में कमजोरी आने पर NSE के राजस्व पर असर पड़ सकता है। इसलिए कंपनी को अपनी कमाई के स्रोतों में विविधता लाने की जरूरत होगी।

ऐसे में क्या करें निवेशक?

NSE के लिए डेटा सर्विसेज भी कमाई (NSE IPO Latest News) का एक महत्वपूर्ण जरिया बन चुका है। कंपनी के कुल राजस्व में इसका करीब 11% योगदान है। हालांकि IPO पूरी तरह OFS है, इसलिए दांव लगाने से पहले जाने ले कि कंपनी की भविष्य की ग्रोथ होने वाले कमाई पर निर्भर करेगा। सिर्फ BSE से कम P/E देखकर फैसला करना पर्याप्त नहीं होगा। कम वैल्यूएशन आकर्षक जरूर है लेकिन निवेश से पहले ग्रोथ, वॉल्यूम और भविष्य की कमाई को भी समझना जरूरी है।

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NSE IPO कब खुलेगा?

एंकर निवेशकों के लिए IPO 16 सितंबर को खुलेगा, जबकि रिटेल निवेशक 17 सितंबर से बोली लगा सकेंगे।

NSE IPO का प्राइस बैंड कितना है?

कंपनी ने IPO के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

क्या NSE IPO, BSE से सस्ता है?

वित्त वर्ष 2026 के P/E के आधार पर NSE का वैल्यूएशन BSE से करीब 23% कम है।

NSE IPO का कुल साइज कितना है?

IPO का आकार पहले ₹30,000 करोड़ प्रस्तावित था, जिसे घटाकर करीब ₹22,560 करोड़ कर दिया गया है।