(PF Claim Delay/ Image Credit: IBC24 News)
बिजनेस: PF Claim Delay: अगर आपने EPF या PF का पूरा क्लेम सही दस्तावेजों के साथ जमा किया है तो उसके निपटारे में अनावश्यक देरी होने पर अतिरिक्त ब्याज या मुआवजा (PF Claim Delay) मिल सकता है। नए नियमों के मुताबिक पूरा और सही PF, पेंशन या डिपॉजिट-लिंक्ड इंश्योरेंस क्लेम 20 दिन के भीतर निपटाया जाना होता है। लेकिन दस्तावेज अधूरे होने, जानकारी में गलती या अतिरिक्त जांच की जरूरत होने पर समय बढ़ सकता है।
नियमों में क्लेम निपटाने की जिम्मेदारी तय करने का भी प्रावधान है। अगर संबंधित अधिकारी बिना पर्याप्त वजह के तय समय में सही क्लेम का निपटारा नहीं करता है तो 12% सालाना की दर से पेनल इंटरेस्ट लगाए जाने की व्यवस्था है। यह ब्याज संबंधित अधिकारी के वेतन से वसूल किए जाने का प्रावधान बताया गया है। इसलिए सही दस्तावेजों के साथ क्लेम जमा करना बेहद जरूरी है।
मुंबई कंज्यूमर कमीशन के एक मामले में रिटायर्ड कर्मचारी के करीब 14.06 लाख रुपये के PF क्लेम के निपटारे में 35 दिन की देरी (PF Claim Delay) हुई थी। आयोग ने देरी को सेवा में कमी माना और EPFO को 35 दिनों के लिए 6% सालाना ब्याज देने का आदेश दिया। मामले में जॉइंट डिक्लेरेशन आवेदन से जुड़ी समस्या के बारे में सही जानकारी नहीं दिए जाने को देरी की वजह माना गया।
अगर आपका पूरा PF क्लेम जमा करने के बावजूद 20 दिन में निपटारा नहीं होता है तो आप EPFO में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए क्षेत्रीय प्रोविडेंट फंड कमिश्नर से संपर्क करने के अलावा EPFiGMS की ऑनलाइन शिकायत सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है। Nidhi Aapke Nikat कार्यक्रम में भी अपनी समस्या रखी जा सकती है।
PF क्लेम में देरी होने का मतलब यह नहीं है कि हर मामले में अपने आप अतिरिक्त ब्याज (PF Claim Delay Interest) मिल जाएगा। ब्याज या मुआवजे का फैसला मामले की परिस्थितियों और संबंधित आदेश पर निर्भर कर सकता है। इसलिए क्लेम की तारीख, दस्तावेज, आपत्तियां और EPFO से कब-कब संपर्क किया ये सभी रिकॉर्ड संभालकर रखें। इससे शिकायत या कानूनी कार्रवाई के दौरान आपका पक्ष मजबूत रहेगा।