Hartalika Teej 2026: सिर्फ सजने के लिए नहीं! तीज पर हरा और लाल रंग पहनने के पीछे छिपी इस धार्मिक परंपरा को शायद आप नहीं जानते!

Hartalika Teej 2026: तीज के अवसर पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और दांपत्य जीवन में सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन लाल और हरे कपड़े पहनने के साथ चूड़ियां पहनने की भी परंपरा है। इन्हें सुहाग, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

Hartalika Teej 2026: सिर्फ सजने के लिए नहीं! तीज पर हरा और लाल रंग पहनने के पीछे छिपी इस धार्मिक परंपरा को शायद आप नहीं जानते!

(Hartalika Teej 2026/ Image Credit: AI-generated)

Modified Date: September 13, 2026 / 11:52 am IST
Published Date: September 13, 2026 11:41 am IST
HIGHLIGHTS
  • हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा।
  • सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं।
  • तीज पर लाल-हरे कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।

Hartalika Teej 2026: भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2026) का पर्व मनाया जाता है। इस साल यह व्रत सोमवार 14 सितंबर को रखा जाएगा। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना के लिए यह कठिन व्रत करती हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। तीज से जुड़ी कई परंपराएं ऐसी है जिनका महिलाएं श्रद्धा के साथ पालन करती हैं।

मेहंदी और लाल-हरे रंग का खास महत्व

हरतालिका तीज पर हाथों में मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है। इसे सुहाग और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। इसी तरह लाल और हरे रंग के कपड़े पहनने की भी परंपरा है। लाल रंग को प्रेम, सुहाग और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जबकि हरा रंग हरियाली, समृद्धि और खुशहाली से जुड़ा माना जाता है। महिलाएं इन रंगों की चूड़ियां और अन्य श्रृंगार सामग्री भी पहनती हैं।

शिव-पार्वती की पूजा और व्रत कथा

तीज के दिन महिलाएं अपनी श्रद्धा के अनुसार निर्जला या फलाहार व्रत रखती हैं। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान (Hartalika Teej 2026) से पूजा की जाती है। पूजा में माता पार्वती को सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां और अन्य श्रृंगार सामग्री अर्पित करने की परंपरा है। इसके साथ तीज व्रत कथा सुनी जाती है। कई जगहों पर महिलाएं रात में जागरण और भजन-कीर्तन भी करती हैं। पूजा के बाद घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने की भी परंपरा है।

तीज पर किन बातों का रखें ध्यान?

तीज के व्रत को लेकर कई पारंपरिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं। कुछ परिवारों और क्षेत्रों में इस दिन बाल काटने से बचने की परंपरा है। इसी तरह काले या सफेद कपड़े न पहनने की मान्यता भी कई जगह देखने को मिलती है। व्रत के दौरान क्रोध, विवाद और किसी का अपमान करने से बचने की भी बात कही जाती है। श्रद्धालु इस दिन पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों में मन लगाने को शुभ मानते हैं।

श्रद्धा और सकारात्मक सोच से मनाएं पर्व

हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2026) केवल व्रत और श्रृंगार का पर्व नहीं, बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते और परिवार की खुशहाली से जुड़ी आस्था का अवसर भी है। महिलाएं पूरे मन से शिव-पार्वती की आराधना करती हैं और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के साथ सकारात्मक सोच और परिवार के प्रति प्रेम इस पर्व की भावना को और खास बनाता है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।