Mahashivratri Upay Pradeep Mishra: इस महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की साधना के लिए करें ये खास उपाय, पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया, धन, नौकरी, विवाह की बाधाओं को खुद भोलेनाथ करेंगे दूर

Mahashivratri Upay Pradeep Mishra: साल 2026 की महाशिवरात्रि शिव भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी मानी जा रही है।

Mahashivratri Upay Pradeep Mishra: इस महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की साधना के लिए करें ये खास उपाय, पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया, धन, नौकरी, विवाह की बाधाओं को खुद भोलेनाथ करेंगे दूर

pradeep mishra/ image source: IBC24

Modified Date: February 2, 2026 / 08:02 am IST
Published Date: February 2, 2026 7:30 am IST
HIGHLIGHTS
  • शिव-पार्वती विवाह का पर्व
  • पाप नाश की पावन रात्रि
  • चार प्रहर पूजन का महत्व

नई दिल्ली: साल 2026 की महाशिवरात्रि शिव भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी मानी जा रही है। यह पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का एक दिव्य अवसर है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पावन विवाह का उत्सव पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात की गई साधना साधारण व्यक्ति को भी शिव-तत्व की अनुभूति करा सकती है।

Mahashivratri 2026: कब है महाशिवरात्री ?

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026 की शाम 05:04 बजे से प्रारंभ होकर 16 फरवरी 2026 की शाम 05:34 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन शिव भक्त व्रत, पूजा और रात्रि जागरण के माध्यम से भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे।

Pradeep Mishra on Mahashivratri: पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिए उपाय

कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी (सीहोर वाले महाराज) के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात्रि आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होती है। (Mahashivratri Upay Pradeep Mishra) इस रात जो भक्त जागरण कर भगवान शिव का स्मरण करता है, उसके कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। यह रात आत्म-शुद्धि, नकारात्मक ऊर्जा के नाश और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सबसे शक्तिशाली मानी जाती है।

पंडित प्रदीप मिश्रा जी के बताए महाशिवरात्रि उपाय

  • पैसों की तंगी दूर करने के लिए शिवलिंग पर 11 बेलपत्र चढ़ाएं।
  • कर्ज से मुक्ति पाने के लिए जल में काले तिल मिलाकर भोलेनाथ का अभिषेक करें।
  • मनोकामना पूर्ति के लिए शिवलिंग पर शहद और दूध की धारा अर्पित करें।
  • विवाह में आ रही बाधा दूर करने के लिए माता गौरी और भगवान शंकर की एकसाथ पूजा करें और सफेद फूल चढ़ाएं।
  • नौकरी और करियर में तरक्की के लिए गंगाजल अर्पित करते हुए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

महाशिवरात्रि पूजा विधि

महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। भक्तों को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और व्रत का संकल्प लेना चाहिए। शिवलिंग पर जल, कच्चा दूध, दही, शहद और गंगाजल से पंचामृत अभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए किया गया अभिषेक विशेष फल देता है।

महाशिवरात्रि 2026 क्यों है खास?

पवित्र शिव महापुराण के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए विषपान किया था। मान्यता यह भी है कि इसी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था तथा शिव जी निराकार से साकार रूप में लिंगोद्भव के माध्यम से प्रकट हुए थे। पंडित प्रदीप मिश्रा जी बताते हैं कि इस दिन की गई भक्ति व्यक्ति को सांसारिक बंधनों से मुक्त कर आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाती है।

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।