(Raksha Bandhan Rituals/ Image Credit: AI-generated)
Raksha Bandhan Rituals: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार, विश्वार और स्नेह का खास त्योहार है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी रक्षा का वचन देते हैं। इस पर्व से जुड़ी कई धार्मिक परंपराएं (Raksha Bandhan Rituals) भी हैं। इन्हीं मे एक मान्यता भगवान गणेश से जुड़ी है। कहा जाता है कि भाई को राखी बांधने से पहले भगवान गणेश जी को रक्षा सूत्र अर्पित करना शुभ माना जाता है। भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। इसलिए किसी भी शुभ काम की शुरुआत उनकी पूजा से करने की परंपरा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश जी जीवन की बाधाओं को दूर करने वाले देवता हैं। इसलिए रक्षाबंधन के दिन उन्हें पहले रक्षा सूत्र अर्पित करने की परंपरा (Raksha Bandhan Rituals) को शुभ माना जाता है। बहनें घर में गणेश जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर पूजा कर सकती हैं। इसके बाद रोली, अक्षत, फूल और मिठाई चढ़ाकर गणेश जी को राखी बांधी जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से पर्व की शुरुआत शुभ तरीके से होती है और परिवार पर भगवान गणेश की कृपा बनी रहती है।
गणेश जी की पूजा और रक्षा सूत्र अर्पित करने के बाद भाई को राखी बांधने की रस्म (Raksha Bandhan Rituals) निभाई जाती है। सबसे पहले भाई को आसन पर बैठाकर उसके माथे पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाया जाता है। फिर अक्षत लगाकर आरती की जाती है और उसकी कलाई पर राखी बांधी जाती है। इसके बाद भाई को मिठाई खिलाई जाती है। भाई अपनी बहन को उपहार देता है और उसकी खुशहाली, सुख-समृद्धि व सुरक्षा की कामना करता है।
पंचांग के मुताबिक, वर्ष 2026 में रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। राखी बांधने के लिए 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक का समय बताया गया है। हालांकि गणेश जी को राखी बांधना हर परिवार के लिए अनिवार्य नहीं है। यह आस्था और परंपरा से जुड़ी मान्यता है। कुछ परिवार पहले गणेश पूजा करते हैं, जबकि कई जगह सीधे भाई को राखी बांधने की परंपरा है।