sakat chauth kab hai/Image Credit: IBC24 File photo
नई दिल्ली: sakat chauth kab hai: देश भर में इस बार सकट चौथ को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और ऐसा इसलिए क्योंकि, इस बार चतुर्थी तिथि दो दिन पड़ रही है। इसी कारण से बहुत से लोग असमंजस में है कि, सकट चतुर्थी का ये व्रत 6 जनवरी को रखा जाए या सात जनवरी को। वहीं ज्योतिषों की मानें तो जनवरी को यह व्रत रखा जाएगा और तीन शुभ योग इस व्रत का महत्व बढ़ा रहे हैं।
ज्योतिष से मिली जानकारी के अनुसार, सकट चौथ का व्रत काफी ज्यादा महत्वूर्ण माना जाता है और इस व्रत को माघ कृष्ण चतुर्थी को रखा जाता है। वहीं इस बार माघ कृष्ण की चतुर्थी तिथि 6 जनवरी की सुबह से शुरू होकर सात जनवरी की सुबह तक रहेगी। दृक पंचांग के अनुसार, माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि छह जनवरी को सुबह 8:01 बजे से शुरू होकर 7 जनवरी को सुबह 6:52 बजे तक रहेगी। छह जनवरी को चंद्रोदय चतुर्थी तिथि में हो रहा है और सात जनवरी को पंचमी तिथि में, sakat chauth kab hai इसलिए शास्त्रों के अनुसार व्रत छह जनवरी को ही रखा जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, सकट चौथ के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। यह योग सुबह 7:15 से दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा। वहीं प्रीति योग पूरे दिन रहेगा और रात 8:21 बजे के बाद आयुष्मान योग शुरू होगा। ज्योतिषों ने बताया की, इस दिन अश्लेषा नक्षत्र दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा, उसके बाद मघा नक्षत्र का आरंभ होगा। यह योग पूजा-पाठ के लिए अनुकूल माने जाते हैं। भगवान गणेश की पूजा के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 9:51 से दोपहर 1:45 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:26 से 6:21 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:48 बजे तक रहेगा। राहु काल दोपहर 3:03 से 4:21 बजे तक रहेगा, इस दौरान पूजा या शुभ कार्य करने से बचें।
sakat chauth kab hai: मिली जानकारी के अनुसार, सकट चौथ का व्रत विशेष रूप से बच्चों की संबी उम्र के साथ सुरक्षा और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। इस व्रत को रखने वाली माताएं अपनी संतान के सुख, समृद्धि और लंबी आयु के लिए यह निर्जला व्रत रखती हैं। इस दिन तिल से बनी चीजों का भोग भगवान गणेश को लगाया जाता है और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।