Sawan 2026 Puja Vidhi: आज से गूंजेगा हर-हर महादेव! सावन शुरू होते ही जान लें शिव पूजा के ये रहस्य, वरना अनजाने में हो सकती है बड़ी गलती!

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Sawan 2026 Puja Vidhi: सावन महीने में भगवान शिव की पूजा का खास महत्व माना जाता है। श्रद्धा और सही विधि से पूजा करने पर शुभ फल मिलने की मान्यता है। इस दौरान पूजा सामग्री, शिवलिंग पर जल अर्पित करने की विधि और जरूरी नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 11:09 AM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 11:10 AM IST

(Sawan 2026 Puja Vidhi/ Image Credit: Pexels)

HIGHLIGHTS
  • सावन महीने की हुई शुरुआत, मंदिरों में उमड़ी भीड़।
  • महादेव की पूजा में बेलपत्र और जल अभिषेक का विशेष महत्व।
  • शिव पूजा में सही विधि और नियमों का रखें ध्यान।

Sawan 2026 Puja Vidhi: सावन महीने की शुरुआत हो चुकी है और देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। भगवान शिव को समर्पित यह महीना बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि सावन में श्रद्धा और सही विधि (Sawan 2026 Puja Vidhi) से की गई पूजा से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख, शांति व मनचाहा फल प्राप्त होता है। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर शिवलिंग पर जल, दूध और पूजा सामग्री अर्पित कर रहे हैं। लेकिन पूजा का पूरा फल पाने के लिए नियमों और सही विधि का पालन करना जरूरी होता है।

सावन में शिव पूजा की सरल विधि

सावन में भगवान शिव की पूजा (Sawan 2026 Puja Vidhi) के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें। इसके बाद घर के मंदिर या शिव मंदिर में दीप जलाकर पूजा का संकल्प लें। सबसे पहले शिवलिंग पर साफ जल से अभिषेक करें फिर पंचामृत और गंगाजल अर्पित करें। इसके बाद चंदन, भस्म, बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र और आक के फूल चढ़ाएं। भगवान शिव को फल और मिठाई का भोग लगाकर धूप-दीप से आरती करें। पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

पूजा सामग्री में इन चीजों को करें शामिल

शिव पूजा के लिए पहले से सभी जरूरी सामग्री तैयार कर लेनी चाहिए। इसमें गंगाजल, साफ जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत शामिल होता है। इसके अलावा बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल, शमी पत्र, सफेद चंदन, अक्षत, भस्म, जनेऊ, फल, मिठाई, धूप और दीप की भी आवश्यकता होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन चीजों को विधि-विधान से अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

जल चढ़ाते समय रखें इन नियमों का ध्यान

सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए सुबह का समय (Sawan 2026 Puja Vidhi) सबसे शुभ माना जाता है। जल अर्पित करते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मान्यता के अनुसार दक्षिण दिशा में खड़े होकर उत्तर दिशा की ओर मुख करके जल चढ़ाना शुभ होता है। जल चढ़ाने के लिए तांबे, पीतल या चांदी के बर्तन का उपयोग बेहतर माना जाता है। तांबे के बर्तन में दूध अर्पित नहीं करना चाहिए। शिवलिंग पर जल हमेशा धीरे-धीरे और लगातार धार में चढ़ाएं। पहले जलाधारी और फिर शिवलिंग पर जल अर्पित करने की परंपरा बताई गई है।

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सावन महीने में भगवान शिव की पूजा का क्या महत्व है?

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान श्रद्धा से पूजा करने पर सुख, शांति और मनचाहे फल की प्राप्ति होती है।

सावन में शिव पूजा की सरल विधि क्या है?

सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें, शिवलिंग पर जल, पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, चंदन और फूल अर्पित कर आरती करें।

शिव पूजा में कौन-कौन सी सामग्री जरूरी होती है?

पूजा में गंगाजल, जल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, चंदन, फल और मिठाई जैसी सामग्री शामिल की जाती है।

शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जल चढ़ाते समय दिशा और पात्र का ध्यान रखना चाहिए। मान्यता के अनुसार तांबे, पीतल या चांदी के बर्तन से जल अर्पित करना शुभ माना जाता है।