नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने बृहस्पतिवार को नेक्सपीरिया, फुजीफिल्म और बेसी समेत कई वैश्विक कंपनियों तथा सरकारी संस्थानों के साथ समझौते किए।
ये साझेदारियां सेमीकंडक्टर विनिर्माण, सामग्री, उन्नत पैकेजिंग, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा विकास से जुड़ी हैं। कंपनी गुजरात और असम में अपने बड़े निवेश के आसपास एकीकृत सेमीकंडक्टर परिवेश विकसित कर रही है।
सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के दौरान टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने नीदरलैंड की चिप विनिर्माता कंपनी नेक्सपीरिया, जापान की फुजीफिल्म, नीदरलैंड की सेमीकंडक्टर उपकरण कंपनी बेसी और सार्वजनिक क्षेत्र की सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी (एससीएल) के साथ समझौते किए। कंपनी ने सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए कौशल विकास और प्रतिभा तैयार करने को लेकर गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ भी समझौता किया है।
कंपनी के अनुसार, ये समझौते उन 16 समझौतों का हिस्सा हैं, जिन पर वह तीन दिन के सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन के दौरान यूरोप, जापान, सिंगापुर और भारत की कंपनियों एवं संस्थानों के साथ हस्ताक्षर करेगी।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक रणधीर ठाकुर ने कहा कि गुजरात के धोलेरा में कंपनी का सेमीकंडक्टर संयंत्र और असम के जगीरोड में पैकेजिंग संयंत्र सरकार से किए गए वादों के अनुसार तय समय पर आगे बढ़ रहे हैं।
नेक्सपीरिया के साथ समझौते के तहत धोलेरा संयंत्र में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की एमओएसएफईटी चिप के विनिर्माण तथा जगीरोड सुविधा में उसके सेमीकंडक्टर उत्पादों की असेंबली और परीक्षण की दिशा में काम किया जाएगा।
फुजीफिल्म धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के संयंत्र के लिए उन्नत सेमीकंडक्टर सामग्री विकसित और उपलब्ध कराएगी। वह धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से करीब 800 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर सामग्री संयंत्र भी स्थापित करेगी।
बेसी के साथ समझौते के तहत जगीरोड में सेमीकंडक्टर की उन्नत पैकेजिंग के लिए जरूरी उपकरण, प्रौद्योगिकी और तकनीकी क्षमता विकसित करने में सहयोग किया जाएगा। वहीं, एससीएल के साथ समझौते के तहत चिप डिजाइन, विनिर्माण प्रक्रिया से जुड़ी प्रौद्योगिकी, आपूर्ति श्रृंखला को देश में विकसित करने और कुशल कर्मचारियों की तैयार करने जैसे क्षेत्रों पर काम किया जाएगा।
कंपनी के रणनीति एवं कारोबार विकास के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्पल शाह ने सेमीकॉन इंडिया 2026 में एक परिचर्चा के दौरान कहा कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के धोलेरा चिप संयंत्र के लिए करीब 450 आपूर्तिकर्ता होंगे। कंपनी इन आपूर्तिकर्ताओं के लिए संयंत्र के पास 363 एकड़ में एक ‘वेंडर पार्क’ विकसित कर रही है।
शाह ने कहा कि चिप विनिर्माण संयंत्र अत्यधिक पूंजी-गहन होता है और इसे कुछ घंटे के लिए भी बंद नहीं किया जा सकता। इसलिए मरम्मत, रखरखाव, कलपुर्जों, रसायनों और गैसों की उपलब्धता के लिए आपूर्तिकर्ताओं की मौजूदगी संयंत्र के आसपास जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कंपनी सिंगापुर के एक प्रतिष्ठित डेवलपर के साथ मिलकर धोलेरा में 363 एकड़ का ‘प्लग एंड प्ले’ वेंडर पार्क विकसित कर रही है। इसमें बिजली, पानी, अन्य सुविधाएं और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कुछ मामलों में इच्छुक कंपनियों को भवनों का ढांचा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
भाषा योगेश रमण
रमण