मत्स्य पालन मंत्री ने मछुआरों से ईईजेड में मछली पकड़ने की क्षमता बढ़ाने का किया आह्वान

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मत्स्य पालन मंत्री ने मछुआरों से ईईजेड में मछली पकड़ने की क्षमता बढ़ाने का किया आह्वान

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 10:29 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 10:29 PM IST

गांधीनगर, 17 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने बृहस्पतिवार को मछुआरों से भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में मछली पकड़ने की गतिविधियां बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक कीमत पाने वाली मछली प्रजातियों पर ध्यान देने का आग्रह किया।

सिंह ने गांधीनगर में मत्स्य विभाग की ओर से गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को बढ़ावा देने के लिए आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ईईजेड (तट से 12 से 200 समुद्री मील तक का क्षेत्र) और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए क्रमश: पहुंच परमिट और प्राधिकरण पत्र जारी करने का उद्देश्य केवल मछली उत्पादन बढ़ाना नहीं है। इसका उद्देश्य निर्यात बढ़ाना, मछुआरों की आय में वृद्धि करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है।

कार्यशाला में केंद्रीय मत्स्य पालन राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे।

सिंह ने कहा, ‘‘अब जब हमारे पास वैश्विक बाजार तक पहुंच है, तो दो महत्वपूर्ण काम किए जाने हैं। पहला, ईईजेड में मछली पकड़ने की क्षमता बढ़ानी होगी और दूसरा, टूना जैसी अधिक मूल्य वाली मछली प्रजातियों पर ध्यान देना होगा। टूना दुनिया की सबसे महंगी मछलियों में से एक है।’’

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फैसले के बाद कृषि विभाग से मत्स्य पालन और पशुपालन को अलग कर नया मंत्रालय बनाए जाने के परिणाम सामने आए हैं। देश का मछली उत्पादन 2013-14 में 95.7 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 197.75 लाख टन हो गया है।

उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में मछली का निर्यात भी दोगुने से अधिक बढ़कर 30,213 करोड़ रुपये से 62,408 करोड़ रुपये हो गया है।

सिंह ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत से आने वाली झींगा और मछलियों पर 58.26 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने मत्स्य मंत्रालय को इस संकट का समाधान तलाशने का निर्देश दिया था।

भाषा यासिर योगेश रमण

रमण