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AI in Tirupati Mandir: जब आप किसी बड़े मंदिर में दर्शन करने जाते हैं, तो सबसे बड़ी टेंशन होती है वहां की भीड़ और वहां लगी लम्बी लाइन। ऐसे में कई सवाल आते हैं मन में जिसके कारण बहुत सी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है जैसे दर्शन में कितना वक्त लगेगा? अंदर जाने का रास्ता कौन-सा है? बाहर कैसे आएंगे? लेकिन अब इन सभी सवालों का जवाब देने आ गया है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI! आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला और कैसे ये आधुनिक तकनीक हमारे मंदिरों में कैसे एक बड़ा बदलाव लाएगी।
हाल ही में ये खबर सामने आयी है की तिरुमला तिरुपति मंदिर, जो भारत के सबसे बड़े और लोकप्रिय धार्मिक स्थलों में से एक है, अब देश का पहला AI-सक्षम मंदिर बनने जा रहा है। यहां जल्द ही एक हाईटेक AI कमांड कंट्रोल सेंटर शुरू किया जाएगा जो मंदिर के पूरे सिस्टम को स्मार्ट तरीके से मैनेज करेगा वो भी बिना भगदड़, धक्का-मुक्की और कन्फ्यूजन बनाये।
AI in Tirupati Mandir: ये नया AI-सक्षम कमांड कंट्रोल सेंटर वैकुंठम-1 कॉम्प्लेक्स में बनाया गया है। यहां से मंदिर परिसर के हर कोने की निगरानी की जा सकेगी, वो भी रियल टाइम में। एक बड़ी डिजिटल स्क्रीन पर पूरे मंदिर के CCTV कैमरों की लाइव फीड दिखाई देगी, और इसे ऑपरेट करने वाली टीम में हैं 25 से ज्यादा टेक एक्सपर्ट्स।
अब बात करते हैं असली कमाल की यहां के कैमरे सिर्फ रिकॉर्डिंग नहीं करेंगे, बल्कि ये AI से लैस चेहरे पहचानने वाली तकनीक से काम करेंगे। मतलब, ये खुद गिन लेंगे कि कतार में कितने श्रद्धालु हैं, कितनों को दर्शन हुए, और बाकी को कितना इंतजार करना पड़ेगा। इससे मंदिर के अधिकारी ना सिर्फ भीड़ को बेहतर ढंग से मैनेज कर पाएंगे, बल्कि दर्शन प्रक्रिया को भी ज्यादा स्मूद बना पाएंगे।
AI in Tirupati Mandir: ये सिस्टम सिर्फ देखने और गिनने तक सीमित नहीं है। इसमें 3D मैपिंग टेक्नोलॉजी है, जो मंदिर परिसर की ग्राउंड लेवल सिचुएशन को ट्रैक करती है। ये पता लगाएगी कि कौन से इलाके सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले हैं, और वहां भीड़ कैसे कम की जाए। इतना ही नहीं, AI अलग-अलग डेटा सोर्स से पता कर सकेगा कि किस दिन और किस समय सबसे ज्यादा भीड़ होगी, जिससे मंदिर प्रशासन पहले से तैयारी कर सकेगा। यानी अब ‘अचानक भीड़’ वाली दिक्कत नहीं होगी!
AI in Tirupati Mandir: ये सेंटर सिर्फ भीड़ संभालने तक सीमित नहीं है सिक्योरिटी में भी AI गेम चेंजर साबित होगा। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति या हरकत नजर आती है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट भेजेगा। कोई श्रद्धालु रास्ता भटक जाए या खो जाए, तो AI उसे भी ट्रैक कर सकेगा। यहां तक कि, AI श्रद्धालुओं के चेहरे के हावभाव से भी समझ सकता है कि कोई परेशान है या नहीं और ऐसे में स्टाफ तुरंत मदद के लिए एक्टिव हो जाएगा।
अगर कभी कोई इमरजेंसी हो जाए जैसे आग, भगदड़ या कोई दूसरी दिक्कत तो AI आपको एग्जिट का सबसे नजदीकी और सुरक्षित रास्ता भी बता देगा। यानी अब भक्तों की सुरक्षा भी टेक्नोलॉजी के हवाले है।
Tirupati Balaji: तिरुपति मंदिर का ये कदम दिखाता है कि कैसे आस्था और एडवांस टेक्नोलॉजी साथ-साथ चल सकती हैं। AI अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहा वो अब मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है।
तो अगली बार जब आप तिरुपति दर्शन पर जाएं, तो जान लीजिए लाइन में कौन पहले है, ये अब इंसान नहीं, AI तय करेगा
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