Vishwakarma Puja 2026: विश्वकर्मा पूजा पर बन रहा बेहद खास संयोग! शुभ मुहूर्त में बस इन चीजों से करें पूजन, खुल सकती है तरक्की की राह

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Vishwakarma Puja 2026: विश्वकर्मा पूजा आज कन्या संक्रांति के अवसर पर मनाई जा रही है। इस दिन कार्यस्थलों पर भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा की जाती है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में पूजा करने से कारोबार में उन्नति, कार्यों में सफलता और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 12:20 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 12:41 PM IST

(Vishwakarma Puja 2026/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • आज मनाई जा रही विश्वकर्मा पूजा
  • सुबह 7:58 से शुभ मुहूर्त
  • 11:51 से अभिजीत मुहूर्त

Vishwakarma Puja 2026: आज गुरुवार को कन्या संक्रांति के अवसर पर विश्वकर्मा पूजा (Vishwakarma Puja 2026) बड़े ही धूमधाम से मनाई जा रही है। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा विशेष रूप से कारखानों, दुकानों, ऑफिस और अन्य कार्यस्थलों पर की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का शिल्पकार और निर्माण कार्यों का देवता माना जाता है। इसलिए व्यापारी और कामगार इस दिन अपने काम से जुड़े औजारों, मशीनों और उपकरणों की भी पूजा करते हैं। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने से काम में सफलता और समृद्धि बनी रहती है।

सुबह 7:58 बजे से पूजा का शुभ समय

विश्वकर्मा पूजा के लिए इस बार शुभ मुहूर्त सुबह 7:58 बजे से शुरू होगा। पूजा के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 7:58 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक बताया गया है। इस दौरान किसी भी समय पूजा की जा सकती है। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। जो लोग सुबह पूजा नहीं कर पाते, वे इस समय में भगवान विश्वकर्मा का पूजन कर सकते हैं।

ऐसे करें भगवान विश्वकर्मा का पूजन

पूजा से पहले स्नान करके कार्यस्थल की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद एक चौकी (Vishwakarma Puja Vidhi) पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान विश्वकर्मा और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। दोनों देवताओं को प्रणाम करने के बाद रोली, चंदन, अक्षत, फूल और माला अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप जलाकर श्रद्धापूर्वक पूजा करें। पूजा के दौरान भगवान विश्वकर्मा का ध्यान करते हुए अपनी सफलता और सुख-समृद्धि की कामना करें।

मशीनों और औजारों पर लगाएं तिलक

विश्वकर्मा पूजा में काम आने वाले औजारों, मशीनों, वाहनों और दूसरे उपकरणों की पूजा भी की जाती है। इन सभी पर रोली या चंदन से तिलक लगाएं और फूल अर्पित करें। इसके बाद भगवान विश्वकर्मा की कथा पढ़ी या सुनी जा सकती है। अंत में आरती करके भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं।

प्रसाद बांटकर पूरी करें पूजा

आरती के बाद भगवान को चढ़ाया गया प्रसाद (Vishwakarma Puja 2026) कार्यस्थल पर मौजूद सभी लोगों में बांटें। धार्मिक मान्यता है कि इस तरह श्रद्धा से पूजा करने पर भगवान विश्वकर्मा की कृपा बनी रहती है और कामकाज में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं। साथ ही कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल और सुख-समृद्धि बनी रहने की कामना की जाती है।

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विश्वकर्मा पूजा कब मनाई जा रही है?

विश्वकर्मा पूजा गुरुवार को कन्या संक्रांति के अवसर पर मनाई जा रही है।

विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

पूजा का शुभ समय सुबह 7:58 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त 11:51 बजे से 12:40 बजे तक रहेगा।

विश्वकर्मा पूजा कहां करनी चाहिए?

भगवान विश्वकर्मा की पूजा कारखाने, दुकान, ऑफिस और अन्य कार्यस्थलों पर की जाती है।

पूजा में किन चीजों का इस्तेमाल करें?

पूजा के लिए रोली, चंदन, अक्षत, फूल, माला, धूप, दीप, फल और मिठाई जैसी सामग्री रख सकते हैं।