(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 17 सितंबर (भाषा) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध अफीम की खेती पर अंकुश लगाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों का स्वागत किया, पर भारत, चीन और पाकिस्तान को उन 23 देशों की सूची शामिल किया जो मादक पदार्थों के प्रमुख पारगमन केंद्र होने के साथ-साथ अवैध मादक पदार्थ का उत्पादन करने वाले भी हैं। ट्रंप ने संबंधित देशों के नेताओं से इस मुद्दे पर कार्रवाई करने का आग्रह किया।
अमेरिकी संसद को बुधवार को भेजे गए पत्र में ट्रंप ने कहा कि वह ‘अमेरिका-भारत मादक पदार्थ नीति रूपरेखा’ के तहत निरंतर सहयोग की उम्मीद करते हैं।
बुधवार को सार्वजनिक किए गए आधिकारिक निर्देश में ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने और आपूर्ति श्रृंखला की विश्वसनीयता मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार के प्रयासों का स्वागत करता हूं।’’
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रमुख मादक पदार्थ पारगमन और अवैध मादक पदार्थ के उत्पादक देशों की सूची में किसी देश का शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि इससे उस देश की मौजूदा मादक पदार्थ-रोधी कोशिशें परिलक्षित होती हैं या अमेरिका के साथ उसके समन्वय का पता चलता है।
सूची में शामिल अन्य प्रमुख मादक पदार्थ पारगमन या अवैध मादक पदार्थ उत्पादक देशों में अफगानिस्तान, बहामास, बेलीज, बोलीविया, म्यांमा, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, जमैका, लाओस, मैक्सिको, निकारागुआ, पनामा, पेरू और वेनेजुएला शामिल हैं।
ट्रंप ने मादक पदार्थों की तस्करी और मादक पदार्थ से प्राप्त आय से फल-फूल रहे आतंकवादी संगठनों से निपटने में अपने प्रशासन द्वारा की गई ‘‘ऐतिहासिक प्रगति’’ का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कड़ी सीमा सुरक्षा, मादक पदार्थों की जब्ती में कमी और ओवरडोज से होने वाली मौतों में गिरावट को इस प्रगति का प्रमाण बताया।
ट्रंप ने दावा किया कि चार साल की ‘‘खुली सीमा अराजकता’’ के बाद अमेरिका की दक्षिणी सीमा पर मादक पदार्थों की जब्ती आधे से अधिक घट गई है।
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की ओवरडोज से होने वाली मौतों में ‘‘भारी गिरावट’’ आई है। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रशासन ने हजारों अमेरिकी नागरिकों की जान बचाई है।
उन्होंने चीन से फेंटानिल, मेथामफेटामाइन और अन्य सिंथेटिक मादक पदार्थों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की आपूर्ति रोकने के लिए और कड़े कदम उठाने का आग्रह किया।
चीन का आधिकारिक नाम ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ बताते हुए ट्रंप ने कहा, ‘‘पीआरसी अब भी फेंटानिल, मेथामफेटामाइन और अन्य घातक सिंथेटिक मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कई रसायनों का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है।’’
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ सीधे तौर पर यह मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि बीजिंग ने पिछले साल उत्तर अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले चिह्नित रसायनों के लिए कंपनियों के वास्ते लाइसेंस संबंधी आवश्यकताएं लागू की थीं।
भाषा मनीषा संतोष
संतोष