राहुल गांधी को छात्रों के मुद्दों में नहीं, उनकी भीड़ में दिलचस्पी: अभाविप

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राहुल गांधी को छात्रों के मुद्दों में नहीं, उनकी भीड़ में दिलचस्पी: अभाविप

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  • Publish Date - September 23, 2026 / 02:26 PM IST,
    Updated On - September 23, 2026 / 02:26 PM IST

( कोमल शर्मा )

नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए छात्रों की भीड़ जुटाने का आरोप लगाया है।

अभाविप का आरोप है कि कांग्रेस नेता पैसे देकर लोगों को अपने ‘कॉन्सर्ट’ में लाने का प्रयास कर रहे हैं और मंच पर लड़कियों से नृत्य करा रहे हैं।

‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक विशेष वीडियो साक्षात्कार में अभाविप के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों के बीच चलाए जा रहे जनसंपर्क अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या राहुल गांधी खुद एक छात्र हैं जो छात्रों के नाम पर उनके मुद्दे उठा रहे हैं?

सोलंकी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस छात्र संपर्क कार्यक्रम का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडा साधने के लिए कर रही है, जबकि छात्रों के मुद्दों को खुद छात्रों द्वारा ही उठाया जाना चाहिए।

एमबीबीएस स्नातक सोलंकी ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘उन्हें छात्रों की समस्याओं में नहीं, बल्कि उनकी भीड़ में दिलचस्पी है।’’

उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मुझे लगता है कि इसमें गंभीरता की भारी कमी है। इसे एक ‘कॉन्सर्ट’ (संगीत कार्यक्रम) में बदल दिया है। भीड़ जुटाने के लिए वे लड़कियों से नृत्य करा रहे हैं, स्टैंड-अप कॉमेडियन और मिमिक्री कलाकारों को बुला रहे हैं।’’

सोलंकी ने दावा किया कि ऐसे ही एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नकल करने और एक बुजुर्ग महिला के साथ उनकी बातचीत का मजाक उड़ाने का प्रयास किया गया, जो ‘‘असंवेदनशील’’ था।

‘छात्रों की गूंज’ राहुल गांधी द्वारा शुरू किया गया एक छात्र संपर्क अभियान है, जिसके तहत वह प्रश्नपत्र लीक (पेपर लीक), महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितता और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ भाजपा को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे सहित कई शहरों में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है।

भाषा मनीषा संतोष

संतोष