(Subhadra Yojana/ Image Credit: AI-generated)
ओडिशा: Subhadra Yojana: ओडिशा सरकार की सुभद्रा योजना के तहत (Subhadra Yojana) महिलाओं को आर्थिक मदद दी जा रही है। सरकार ने शुक्रवार 28 अगस्त को एक करोड़ से ज्यादा लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में योजना की किस्त ट्रांसफर की है। ऐसे में अगर आप भी सुभद्रा योजना की लाभार्थी हैं और जानना चाहती हैं कि आपके खाते में पैसे पहुंचे हैं या नहीं तो इसके लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे ऑनलाइन योजना का स्टेटस चेक कर सकती हैं।
सुभद्रा योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2024 को ओडिशा में की थी। इस योजना (Subhadra Yojana) का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। योजना का नाम भगवान जगन्नाथ की बहन देवी सुभद्रा के नाम पर रखा गया है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर साल कुल 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दो किस्तों में दी जाती है। 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर सरकार ने योजना की पांचवीं किस्त जारी की है।
किस्त का स्टेटस देखने के लिए सबसे पहले ओडिशा सरकार के आधिकारिक सुभद्रा पोर्टल subhadra.odisha.gov.in पर जाएं। वहां Beneficiary Status या संबंधित स्टेटस विकल्प को चुनें। इसके बाद पोर्टल पर मांगी गई जानकारी दर्ज करें। उपलब्ध सुविधा के अनुसार आधार नंबर, आवेदन से जुड़ी जानकारी या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की मदद से स्टेटस देखा जा सकता है। अगर OTP मांगा जाए तो मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करके आगे बढ़ें।
स्टेटस देखने के बाद भुगतान (Subhadra Yojana) से जुड़ी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई दे सकती है। अगर किस्त जारी हो चुकी है तो Payment Status के जरिए इसकी जानकारी मिल सकती है। योजना की राशि आमतौर पर Direct Benefit Transfer यानी DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके अलावा लाभार्थी बैंक की पासबुक अपडेट कराकर, SMS अलर्ट देखकर या मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री से भी भुगतान की पुष्टि कर सकते हैं।
अगर पोर्टल पर आपका नाम मौजूद है लेकिन खाते में रकम नहीं आई है तो सबसे पहले आधार-बैंक खाते की लिंकिंग, DBT की स्थिति और e-KYC की जानकारी जांचें। बैंक खाते की जानकारी सही होना जरूरी है क्योंकि योजना का भुगतान सीधे खाते में भेजा जाता है। अगर स्टेटस लंबित या सत्यापन में है तो तुरंत दोबारा आवेदन करने के बजाय पहले पोर्टल पर जानकारी जांचें। जरूरत पड़ने पर संबंधित केंद्र या बैंक से संपर्क करें।