Saraswati Shishu Mandir Holiday : प्रदेश के इस जिले में तीन दिन बंद रहेगा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, अचानक छुट्टी का ऐलान, जानिए क्या है बड़ी वजह?

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झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में विद्यालय के प्रधानाचार्य सुजल कुमार भोल के अचानक निधन से शोक की लहर है। विद्यालय प्रबंध समिति ने उनकी स्मृति में तीन दिनों के अवकाश की घोषणा की है।

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  • Publish Date - August 30, 2026 / 01:13 PM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 01:18 PM IST

Saraswati Shishu Mandir Holiday

HIGHLIGHTS
  • प्रधानाचार्य सुजल कुमार भोल के अचानक निधन से विद्यालय में शोक की लहर
  • विद्यालय प्रबंध समिति ने सम्मान में तीन दिन के अवकाश की घोषणा की
  • शोक सभा में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि

पूर्वी सिंहभूम : Saraswati Shishu Mandir Holiday : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम ज़िले के घाटशिला के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित मानुषमुड़िया के ‘सरस्वती शिशु विद्या मंदिर’ के प्रधानाचार्य सुजल कुमार भोल के अचानक निधन से पूरे विद्यालय परिवार और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके सम्मान और स्मृति में विद्यालय प्रबंध समिति ने तीन दिनों के अवकाश की घोषणा की है।

शोक सभा का किया आयोजन

शनिवार को विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव रसू भुईंया की अध्यक्षता में एक विशेष शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और प्रबंध समिति के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर अपने प्रिय प्रधानाचार्य को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। School Close News समिति के सदस्यों ने स्वर्गीय सुजल कुमार भोल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने समर्पण और कर्मठता से विद्यालय को नए शिखरों पर पहुँचाया। उनका असमय चले जाना विद्यालय और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना

इस दुखद और भावुक अवसर पर निरंजन मंडल, कोच्चि बंद, स्वप्न मन्ना, सुशील बेरा, पूर्णिमा साहू, मीनाक्षी मंडल, गौरव भोल, सुब्रत साधु, चंचल मंडल, दिनेश महतो, मुनमुन शाहा और अनूप बंध सहित पूरा विद्यालय परिवार मौजूद रहा और सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

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सुजल कुमार भोल कौन थे?

सुजल कुमार भोल मानुषमुड़िया स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य थे।

उनके निधन के बाद विद्यालय में क्या फैसला लिया गया?

विद्यालय प्रबंध समिति ने उनकी स्मृति और सम्मान में तीन दिनों के अवकाश की घोषणा की।

शोक सभा में क्या हुआ?

विद्यालय में आयोजित शोक सभा में छात्रों, शिक्षकों और प्रबंध समिति के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत प्रधानाचार्य को श्रद्धांजलि दी।