Anupama written update 4 february 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube /@plus gossip
Anupama written update 4th February 2026: ‘Starplus‘ के सबसे चर्चित शो ‘अनुपमा‘ में, आज के एपिसोड की शुरुआत होती है जब वसुंधरा अपनी की हुई पिछली गलतियों पर पछतावा जताते हुए कहती है कि उसने हमेशा अनुपमा को दोष दिया, कभी भी उसका साथ नहीं दिया, हमेशा उसके खिलाफ खड़ी रहीं, उन्हें बुरा-भला कहा और उनकी बेइज़्ज़ती की, फिर भी वह हमेशा अकेली सच के लिए लड़ती रही..। पराग भी इस बात से सहमती जताता है कि चाहे कितनी ही मुश्किल भरी राह क्यों न हो, लेकिन अनुपमा, झूठ के आगे कभी नहीं झुकीं।
वसुंधरा आज कबूल करती है कि वह अपने किए पर बहुत शर्मिंदा है और दिल से अनुपमा से माफ़ी माँगना चाहती है। पराग भी अनुपमा से माफ़ी मांगने के लिए तैयार हो जाता है। ख्याति को डर है कि अनुपमा, सारे रिश्ते ठीक करके हमेशा के लिए चली जाएगी।
राजा विश्वास के साथ कहता है कि अनुपमा ऐसा नहीं कर सकती। प्रेम कहता है कि हमेशा माहीं और गौतम की गलतियों को माफ़ किया लेकिन अनुपमा को कभी समझा ही नहीं, उसके आत्म-सम्मान को हर बार ठेस पहुंचाई, बार-बार उसकी बेइज्जती की, फिर भी ये उम्मीद करते हैं कि अनुपमा कभी नाराज़ न हो।
अनुपमा, चॉल में वापस आती है और राही से एक कप चाय मांगती है, फिर प्रेरणा के पूछती है कि क्या वह रजनी से मिली? वरुण और प्रेरणा कहते हैं कि वे उसके बारे में बात नहीं करना चाहते।
अनुपमा, प्रेरणा को समझाती है कि रजनी माफ़ी मांग रही है और चाहती है कि उसके बच्चे भी उसे माफ़ कर दें। रजनी ने जो किया अपने बच्चों को अच्छी ज़िन्दगी देने के चक्कर में किया। वो ये भी कहती है कि रजनी ने उन्हें जन्म दिया, पाला-पोसा। अभी भी वह उनकी माँ है। चाहे वे उसे माफ़ करें, रिश्ता तोड़ दें, सज़ा दें, ये उनका फैसला है। वह ये भी कहती है कि माना कि रजनी, माँ होने के नाते अच्छी परवरिश देने में नाकाम रही लेकिन अब बच्चों को फैसला करना है कि बच्चे होने के तौर पर, वे अपना फ़र्ज़ कैसे निभाएं।
प्रेरणा, अनुपमा से सवाल करती है कि वह चॉल में रहेगी या फिर चली जाएगी? क्योंकि उसने तय किया है कि अनुपमा जहाँ जाएगी, वह भी उसके साथ वहीं रहेगी। अनुपमा यह सुन, बहाना बनाकर वहां से चली जाती है।
कोठरी परिवार, माफ़ी मांगने शाह हाउस पहुँचता है। वसुंधरा के द्वारा, लीला के लिए पूछे जाने पर हसमुख कहता है कि चॉल बच जाने के बाद, लीला सोमनाथ मंदिर दर्शन करने गई है और भरोसा दिलाते हुए कहता है कि प्रार्थना को कभी भी अकेले नहीं छोड़ा जाता, उसका वहां बहुत अच्छे से ख्याल रखा जा रहा है।
वसुंधरा बताती है कि वे वहां केवल अनुपमा से माफ़ी मांगने आए थे। तोषु, पाखी के कान में फुसफुसाते हुए कहता है कि पूरा परिवार पागल हो गया है। वसुंधरा, अनुपमा से उसके द्वारा की हुई हर गलती की माफ़ी मांगती है। पराग भी अनुपमा से माफ़ी मांगता है लेकिन तोषु मज़ाक उड़ाते हुए कहता है कि शुक्रिया कहने की बजाय उन्हें अनुपमा को एक करोड़ का घर बचाने के लिए पैसे देने चाहिए थे। वसुंधरा सारे ताने सह लेती है और माफ़ी मांगती है।
पराग और वसुंधरा, अंश को अपना दामाद कहकर स्वीकारते हैं और उसे गले लगाते हैं पराग इस बात को भी स्वीकारता है कि अंश बिलकुल अनुपमा जैसा है, कभी भी मुश्किलों से भागता नहीं है, और वे इन दोनों को कभी पहचान नहीं पाए। पराग कहता है कि उसे विश्वास है कि प्रार्थना अपने ससुराल में खुश रहेगी।
परितोष अकड़ के साथ कहता है कि चाहे जो हो जाए लेकिन परी उस घर में वापस नहीं लौटेगी। वसुंधरा शांति पूर्वक उसे समझाती है कि गुस्से में अपनी बेटी का घर बर्बाद न करें। वे उसे पुरे सम्मान के साथ घाट वापस ले जाना चाहती हैं किंजल कहती है कि यह फैसला सिर्फ परी का होगा। वसुंधरा के द्वारा सवाल पूछे जाने पर, पराग कहता है कि अभी किसी को अनुपमा के फैसले के बारे में नहीं पता है कि वह मुंबई में ही रहेंगी या अहमदाबाद वापस लौट जाएंगी।
अनुपमा, चॉल वालों के साथ डांस करती है सब उससे माफ़ी मांगते हैं और हाथ जोड़कर उससे वापस न जाने की विनती करते हैं, उसे ख़ास फील कराते हैं। अनुपमा के कुछ कहने से पहले ही उसके पास एक फ़ोन आता है जिसे सुन वह हैरान रह जाती है। राही के द्वारा पूछे जाने पर, अनुपमा कहती है कि उसे तुरंत जाना होगा। राही मन ही मन सोचती है कि अनुपमा के नसीब में ख़ुशी नहीं ठहरती, एक मुसीबत ख़त्म होती नहीं कि दूसरी शुरू हो जाती है।
पराग हाउस में सब खुशियां मनाते हैं। परिवार वाले माहीं और गौतम का मज़ाक उड़ाते है कि उन्हें अभी तक ऑटो नहीं मिला है, वे सिर्फ जाने का नाटक कर रहे हैं लेकिन जाएंगे नहीं। माहीं चक्कर आने का बहाना करती है, गौतम कहता है कि शायद उसे स्ट्रेस की वजह से कमज़ोरी फील हो रही है। तभी ख्याति याद दिलाती है कि मुसीबत आने पर माहीं कैसे भागी थी। परिवार द्वारा मज़ाक उड़ाए जाने पर गौतम शिकायत करता है कि उसके किए हुए सारे एहसान भुला दिए गए हैं।
पराग, उन्हें गेस्ट रूम में रुकने की इजाजत दे देता है और उन्हें याद दिलाता है कि वे मेहमान हैं, परिवार नहीं। गौतम को पराग के द्वारा फंसाये जाने का एहसास होता है क्योंकि वह न तो उन्हें बाहर निकाल रहा है और न ही अपना रहा है।
शाह हाउस में सब परेशान होते हैं। अनुपमा राही, अंश और प्रार्थना के साथ घर आती है तभी फ्लैशबैक में अंश, अनुपमा को इमरजेंसी में बुलाता है क्योंकि प्रार्थना दर्द में भी अनुपमा का नाम पुकारती है।
अनुपमा सबको दिलासा देती है कि प्रार्थना बिलकुल ठीक है। डॉक्टर के कन्फर्म किया है कि कुछ भी सीरियस नहीं है, ये केवल एक फालसे अलार्म था। प्रार्थना कहती है कि अनुपमा के आते ही उसे शांति मिली और वह केवल भगवान की ही शुक्रगुज़ार नहीं बल्कि अनुपमा की भी एहसानमंद है। वसुंधरा भी सहमति जताते हुए कहती है वे सब डरे हुए थे लेकिन अनुपमा को देखकर ही उन्हें शांति मिली। पराग, अनुपमा से मुंबई में उसका साथ देने के लिए धन्यवाद कहता है। अनुपमा भी पराग को, मुंबई में झगड़े के दौरान उसका साथ देने की लिए धन्यवाद कहती है। पराग भी कबूल करता है कि अनुपमा के साहस से ही आज उसका घर बच पाया है।