image source : Sad Shayari
Shayari in Hindi: Attitude सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि इंसान की पूरी सोच और शख्सियत का आईना है। जब यही अंदाज़ शायरी के रूप में ढलता है, तो उसे कहते हैं Attitude Shayari। ये शायरी उन लोगों के लिए है जो भीड़ में भी अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, एटीट्यूड शायरी आपको आत्मविश्वास से भर देती है और सामने वाले को आपके जज़्बे का अहसास कराती है।
आज के दौर में लोग अपनी बात सीधे और दमदार अंदाज़ में कहना पसंद करते हैं। सोशल मीडिया पर Attitude Shayari सबसे ज्यादा शेयर होने वाली शायरियों में से एक है क्योंकि ये छोटे शब्दों में गहरी बात कह जाती है। ये हिंदी और Hinglish में सिर्फ स्टेटस या कैप्शन नहीं, बल्कि आपके हौंसले और स्वाभिमान की झलक है। यही वजह है कि हर युवा अपनी पहचान को और भी खास बनाने के लिए एटीट्यूड शायरी का सहारा लेता है।
ये शायरियाँ आपके रवैये को बुलंदियों तक ले जाती हैं। हर पंक्ति में आत्मविश्वास, जोश और बेबाकी का जादू है। ये शब्द आपके व्यक्तित्व को निखारते हैं, जो हर दिल में एक अलग छाप छोड़ते हैं। अपने अंदाज को इन शायरियों के साथ और भी बुलंद करें।
शायरी के माध्यम से हम अपनी भावनाओं को न केवल व्यक्त कर सकते हैं, बल्कि दूसरों की भावनाओं को भी समझ सकते हैं। यह एक ऐसा सशक्त माध्यम है जो भाषा की सीमाओं को पार कर सभी दिलों को जोड़ता है।
जिनको मेरी फिक्र नहीं
उनका अब कोई जिक्र नहीं
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं
तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
नाम और पहचान चाहे छोटी हो
पर अपने दम पर होनी चाहिए
और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा
नोटों पर फोटो तो हमारी भी हो सकती थी
पर किसी की जेब में रहना हमें पसंद नहीं
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन
दिल के ख़ुश रखने को ‘ग़ालिब’ ये ख़याल अच्छा है
जो दिल के करीब थे ,वो जबसे दुश्मन हो गए
जमाने में हुए चर्चे ,हम मशहूर हो गए
भाड़ में जाए लोग और लोगों की बातें
हम वैसा ही जिएंगे जैसा हम चाहते हैं
वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन
उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
तेरा घमंड एक दिन तुझे ही हराएगा
मैं क्या हूं, यह तो तुझे वक्त ही बताएगा
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
शायद तुम नावाकिफ हो मेरे मिजाज से
तेरी उम्मीद से भी ज्यादा सनकी हूं
मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर
लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया
हमेशा सबसे अलग रहकर ही
हमने अपनी पहचान बनाई है
हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम
वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता
यहां किसकी मजाल है जो छेड़े दिलेर को
गर्दिश में तो कुत्ते भी घेर लेते हैं शेर को
ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
मैं तो वक्त से हार कर सर झुकाए खड़ा था
और सामने खड़े लोग खुदको बादशाह समझने लगे
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ
दुश्मनों की भीड़ में रास्ता बनाकर चलता हूं
यारों का यार हूं सिर उठाकर चलता हूं
हमारा Style और Attitude ही कुछ अलग है
बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे
सिर्फ एक सफ़ाह
पलटकर उसने,
बीती बातों की दुहाई दी है।
फिर वहीं लौट के जाना होगा,
यार ने कैसी
रिहाई दी है।
-गुलज़ार
हमारे बारे में बात करने की जरुरत नहीं
हम वो हैं जो अपना नाम खुद बना लेते हैं
कभी हमारी आँखों में झांक के देखो
हमारा आत्मविश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पहचान है
वारदात करनी पड़ती है लाडले Truecaller पर
गैंगस्टर लिखने से कोई बदमाश नहीं होता
मैं अकेला खुदके लिया काफी हूं
मारे वजूद को किसी के सहारे की ज़रूरत नहीं
हमसे जलने वाले जलते रहे
हम अपनी राहों पे चलते रहे
तुम्हारे जैसे बहुत देखे हैं मैंने
पर मेरे जैसा कोई नहीं
जिन्हें मेरा एटीट्यूड पसंद नहीं
वो अपना नजरिया बदल लें
मैं सिर्फ खुद से लड़ता हूँ
और अपनी कमजोरियों को हराता हूँ
मैं अपनी कहानी का हीरो हूँ
और तुम्हारी सोच में विलेन
जो मुझसे जलते हैं वो कभी
मेरे जैसे नहीं बन सकते
हम तो वो हैं जो मुस्कुरा कर ज़हर पी जाते हैं
दुश्मन जल कर भी जश्न नहीं मनाते हैं
बैठे-बिठाए हाल-ए-दिल-ज़ार खुल गया
मैं आज उसके सामने बैठकर बेकार खुल गया। -मुनव्वर राणा
बदल जाओ वक्त के साथ
बदल जाओ वक्त के साथ
या फिर वक्त बदलना सीखो
मजबूरियों को मत कोसो
हर हाल में चलना सीखो
सुना है आज समंदर को बड़ा गुमान आया है,
उधर ही ले चलो कश्ती जहां तूफान आया है।
लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो।
प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है,
आंसू मेरे थे और सिसक रहा था वो।
अब जानेमन तू तो नहीं,
शिकवा -ए-गम किससे कहें
या चुप हें या रो पड़ें,
किस्सा-ए-गम किससे कहें।
तेरी हँसी मेरा सुकून है,
तेरा साथ मेरा जुनून है।
तू मेरा ख्वाब भी है और हक़ीकत भी,
तू मेरी ज़िंदगी का सबसे हसीन किस्सा है।
तेरे बिना अधूरी थी मेरी ज़िंदगी,
अब तू है तो सब कुछ मुकम्मल लगता है।