भोपाल, 10 जून (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 2024 के लोकसभा चुनावों में एक भी सीट जीतने में विफल रही, लेकिन मध्य प्रदेश में इसके मत प्रतिशत में मामूली वृद्धि हुई है, वहीं कई निर्वाचन क्षेत्रो में इसके उम्मीदवारों को एक लाख से अधिक मत मिले हैं।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार मायावती के नेतृत्व वाली बसपा ने 2019 के चुनावों में मध्य प्रदेश में 2.38 प्रतिशत वोट हासिल किए थे जबकि 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 3.28 प्रतिशत हो गया।
इस बार के चुनाव में मुरैना सीट पर पार्टी उम्मीदवार (रमेश गर्ग) को 1,79,669 और सतना सीट के उम्मीदवार (नारायण त्रिपाठी) को 1,85,618 वोट मिले। लोकसभा चुनाव के नतीजे चार जून को घोषित किए गए।
मुरैना से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शिवमंगल तोमर और सतना से गणेश सिंह विजयी हुए। उनकी जीत का अंतर 52,530 और 84,949 रहा जो दर्शाता है कि बसपा ने कांग्रेस के वोट में सेंध लगाई है।
इस बार के चुनाव में बसपा को खजुराहो में दो लाख से अधिक मत, मुरैना और सतना में 1.50 लाख मत, रीवा में 1.25 लाख से 1.50 लाख मत मिले, जबकि बालाघाट, इंदौर और उज्जैन सहित 22 सीट पर यह आंकड़ा 10,000 से कम और 50,000 तक रहा।
पार्टी का मत प्रतिशत वर्ष 1991 में 3.54 फीसदी, 1996 में 8.18 फीसदी, 1998 में 8.7 फीसदी, 1999 में 5.23 फीसदी और 2004 में 4.75 फीसदी रहा था।
बसपा की मध्य प्रदेश इकाई के प्रमुख रमाकांत पिप्पल ने कहा कि मत प्रतिशत में बढ़ोतरी का मुख्य कारण रीवा और मुरैना में मायावती की रैलियों के साथ-साथ सभी पार्टी इकाइयों के बीच उचित समन्वय रहा।
वर्ष 1991 में बसपा के भीम सिंह ने रीवा लोकसभा से जीत हासिल की थी और उसके बाद पार्टी ने दो बार सीट जीती। इस बार चुनावों में बसपा उम्मीदवार अभिषेक पटेल को 1.17 लाख वोट मिले।
भाषा दिमो खारी
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