मप्र में लोस की आठ सीटों के लिए मतदान 13 मई को

Ads

मप्र में लोस की आठ सीटों के लिए मतदान 13 मई को

  •  
  • Publish Date - May 12, 2024 / 05:40 PM IST,
    Updated On - May 12, 2024 / 05:40 PM IST

भोपाल, 12 मई (भाषा) मध्य प्रदेश में लोकसभा की आठ सीटों पर मतदान आम चुनाव के चौथे चरण में सोमवार को होगा। इस चरण में इंदौर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मौजूदा सांसद शंकर लालवानी और रतलाम से कांग्रेस के कद्दावर नेता कांतिलाल भूरिया मैदान में हैं।

मध्य प्रदेश में लोकसभा की कुल 29 सीटों में से 21 पर मतदान आम चुनाव के पहले तीन चरणों में खत्म हो चुका है।

सोमवार को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट रतलाम, धार और खरगोन, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट देवास और उज्जैन तथा मंदसौर, इंदौर और खंडवा में मतदान होगा।

अधिकारियों के अनुसार, मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा, जिसके लिए आठ निर्वाचन क्षेत्रों में 18,007 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनुपम राजन ने संवाददाताओं को बताया कि चौथे चरण में कुल 74 उम्मीदवार – 69 पुरुष और पांच महिलाएं – मैदान में हैं।

उन्होंने कहा, 1,63,70,654 पात्र मतदाता हैं, जिनमें 82,48,091 पुरुष, 81,22,175 महिलाएं और 388 तृतीय लिंगी हैं।

राज्य के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के 15 जिलों के 64 विधानसभा क्षेत्रों में फैले आठ निर्वाचन क्षेत्रों को भाजपा का गढ़ माना जाता है।

इंदौर लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा 14 उम्मीदवार और खरगोन में सबसे कम पांच उम्मीदवार हैं।

सीईओ ने कहा कि आठ सीटों में से, इंदौर में पात्र मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक 25,26,803 है, जबकि उज्जैन में सबसे कम 17,98,704 मतदाता हैं।

रतलाम लोकसभा सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया (73) और राज्य के वन मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी एवं भाजपा उम्मीदवार अनिता चौहान के बीच मुकाबला है।

भूरिया के बेटे विक्रांत ने पिछले महीने मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस प्रमुख का पद छोड़ दिया था। विक्रांत ने युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी को लिखे इस्तीफे में कहा था कि उन्हें अपने पिता की मदद के लिए रतलाम में अधिकतम समय देने की जरूरत है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में मंत्री रहे कांतिलाल भूरिया पांच बार रतलाम से जीत चुके हैं। हालांकि, वह 2014 और 2019 लोकसभा चुनाव हार गए थे।

इंदौर में कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम के अंतिम समय में अपना नामांकन वापस लेने और भाजपा में शामिल होने के बाद ‘उपरोक्त में से कोई नहीं (नोटा)’ विकल्प अप्रत्याशित रूप से सुर्खियों में आ गया है।

बम के इस कदम ने जैसे ही भाजपा के शंकर लालवानी के लिए एकतरफा मुकाबले का मंच तैयार किया, कांग्रेस ने मतदाताओं से नोटा का इस्तेमाल करने का आग्रह किया। लालवानी पिछली बार इंदौर से लगभग 5.4 लाख वोट से जीते थे।

इससे पहले मध्य प्रदेश की 21 सीट पर तीन चरणों में 19 अप्रैल, 26 अप्रैल और 7 मई को मतदान हुआ था। मतों की गिनती 4 जून को होगी।

भाषा अमित नरेश

नरेश

शीर्ष 5 समाचार