नर्सिंग कॉलेज ‘घोटाले’ की जांच के लिए न्यायाधीश की अगुवाई में एसआईटी गठित की जाए: दिग्विजय

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नर्सिंग कॉलेज 'घोटाले' की जांच के लिए न्यायाधीश की अगुवाई में एसआईटी गठित की जाए: दिग्विजय

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  • Publish Date - May 31, 2024 / 09:50 PM IST,
    Updated On - May 31, 2024 / 09:50 PM IST

भोपाल, 31 मई (भाषा) वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में 300 से अधिक नर्सिंग कॉलेजों को राज्य की पिछली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने पैसे के बदले में काम करने की अनुमति दी थी।

सिंह ने उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश के अधीन विशेष जांच दल (एसआईटी) के माध्यम से इन अनियमितताओं की जांच की मांग की।

नर्सिंग कॉलेजों और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में अनियमितताओं को क्रमशः ‘व्यापम-2’ और ‘व्यापम-3’ करार देते हुए सिंह ने अपने ही अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भी प्रशंसा की।

सीबीआई कई नर्सिंग कॉलेजों के कामकाज में घोर अनियमितताओं से संबंधित घोटाले की जांच कर रही है, जिनमें बुनियादी ढांचे की कमी थी जबकि कुछ केवल कागजों पर ही मौजूद थे।

केंद्रीय एजेंसी ने निरीक्षण के बाद अनुकूल रिपोर्ट देने के लिए संस्थानों से कथित तौर पर रिश्वत लेने के आरोप में अपने दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में राज्यसभा सांसद सिंह ने आरोप लगाया कि यह घोटाला पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार और तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ।

सिंह ने पत्र में यह भी कहा कि उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच के आदेश दिए लेकिन प्रमुख जांच एजेंसी के अधिकारी भी रिश्वत लेते पकड़े गए, जिससे पूरी जांच संदिग्ध हो गई।

पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में इस घोटाले को ‘व्यापम-2’ और ‘व्यापम-3’ बताया। व्यापम घोटाला कई साल पहले हुए व्यावसायिक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश और सरकारी सेवाओं में भर्ती में अनियमितताओं के बारे में है। इसकी जांच अदालत के आदेश पर सीबीआई ने की।

सिंह ने पत्र में आरोप लगाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान सभी मानदंडों का उल्लंघन करते हुए सत्ताधारी शासन द्वारा संरक्षित अधिकारियों ने राज्य में 300 से अधिक नर्सिंग कॉलेज खोलने और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम चलाने की अनुमति दी।

सिंह ने प्रधानमंत्री से इस ‘घोटाले’ की जांच के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के अधीन एसआईटी गठित करने और इसमें सीबीआई के ईमानदार अधिकारियों को शामिल करने का आग्रह किया।

इससे पहले दिन में, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार अदालत के निर्देशों के अनुसार काम करेगी। इस घोटाले में वह सारंग की कथित संलिप्तता पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।

सोमवार को सीबीआई ने कहा था कि उसने मध्य प्रदेश में एक ‘नर्सिंग घोटाले’ के सिलसिले में अपने दो निरीक्षकों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसकी जांच उच्च न्यायालय के आदेश के बाद केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जा रही है।

सीबीआई की एक विज्ञप्ति में कहा गया था कि इन आरोपियों में सीबीआई निरीक्षक राहुल राज और सुशील कुमार मजोका, तीन कथित दलाल ओम गोस्वामी, रवि भदौरिया और जुगल किशोर के साथ-साथ तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

भाषा दिमो शोभना

शोभना

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